UP Govt Employees Salary: इतने हजार सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगी सैलरी! बीजेपी सरकार ने जनवरी महीने का वेतन रोका, सामने आई ये बड़ी वजह

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UP Govt Employees Salary: इतने हजार सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगी सैलरी! बीजेपी सरकार ने जनवरी महीने का वेतन रोका, सामने आई ये बड़ी वजह

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  • Publish Date - February 1, 2026 / 05:35 PM IST,
    Updated On - February 1, 2026 / 05:37 PM IST

UP Govt Employee Salary Stopped/Image Source: symbolic

HIGHLIGHTS
  • भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस!
  • सरकारी कर्मचारियों का वेतन फ्रीज
  • 68 हजार कर्मचारियों की सैलरी रोकी

लखनऊ: UP Govt Employees Salary: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने संपत्ति का ब्योरा न देने पर 68,236 सरकारी कर्मचारियों की सैलरी रोक दी है। यह कदम योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस भ्रष्टाचार नीति के तहत उठाया गया है जिसके तहत राज्य के कर्मचारियों से उनकी चल और अचल संपत्ति का विवरण मांगा गया था।

कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया, सैलरी रोकी गई (Govt Employee Salary News)

UP Govt Employees Salary: माना जा रहा है कि यह फैसला कर्मचारियों के खिलाफ सरकार की सख्ती को दर्शाता है। संपत्ति का विवरण देने की डेडलाइन 31 जनवरी 2026 तक तय की गई थी, लेकिन इस समय सीमा तक 68 हजार कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। इनमें सबसे अधिक 34,926 तृतीय श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि जब तक इन कर्मचारियों द्वारा संपत्ति का विवरण नहीं दिया जाएगा, उनकी जनवरी माह की सैलरी फरवरी में नहीं दी जाएगी। इस आदेश के बाद, यह उम्मीद जताई जा रही है कि कर्मचारी जल्दी ही अपनी संपत्ति का विवरण देने के लिए मजबूर होंगे।

किस विभाग के कर्मचारी शामिल हैं? (UP Govt Employee Salary Stopped)

सैलरी रोकी जाने वाले कर्मचारियों में लोक निर्माण विभाग, राजस्व, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण, महिला कल्याण, सहकारिता, आबकारी, खाद्य रसद, मेडिकल शिक्षा, ग्रामीण अभियंत्रण, पशुधन, परिवहन, उद्यान विभाग और अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। इन विभागों के कर्मचारियों ने अभी तक अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल के द्वारा पहले ही सभी विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वे 31 जनवरी 2026 तक अपने कर्मचारियों से संपत्ति का विवरण अपलोड करवा लें। इसके बावजूद करीब 8% कर्मचारियों ने इस आदेश का पालन नहीं किया जिससे सरकार की सख्ती और बढ़ गई है।

क्या अब और कार्रवाई हो सकती है? (UP government employees salary news)

UP Govt Employees Salary: योगी सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में यह कदम बेहद अहम है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर दे रही है, और इस नीति के तहत कर्मचारियों से उनकी संपत्ति का विवरण जुटाना एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के इस फैसले के बाद अब कर्मचारी जल्दी ही अपनी संपत्ति का ब्योरा देने में जुट सकते हैं, ताकि उनकी सैलरी रोकी न जाए। माना जा रहा है कि अगर कर्मचारी आगे भी इस आदेश का उल्लंघन करते हैं, तो और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

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"UP government salary stopped" का फैसला क्यों लिया गया?

उत्तर प्रदेश सरकार ने उन कर्मचारियों की सैलरी रोकी है जिन्होंने तय समय सीमा तक अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। यह कदम जीरो टॉलरेंस भ्रष्टाचार नीति के तहत उठाया गया है।

"Property details not submitted salary stopped" किन कर्मचारियों पर लागू हुआ है?

यह फैसला विभिन्न विभागों के करीब 68,236 कर्मचारियों पर लागू हुआ है, जिनमें तृतीय श्रेणी के कर्मचारी सबसे ज्यादा हैं।

"Yogi government action on employees" के बाद आगे क्या हो सकता है?

यदि कर्मचारी आगे भी संपत्ति का विवरण जमा नहीं करते हैं, तो सरकार उनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई कर सकती है, जिसमें अनुशासनात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं।