नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) अमेरिकी चिप विनिर्माता एएमडी ने भारत में विस्तार को गति देते हुए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के साथ विस्तारित साझेदारी की घोषणा की है जिसके तहत ‘हेलिओस’ आधारित रैक-स्केल एआई डेटा सेंटर प्रौद्योगिकी देश में तैनात की जाएगी।
इस साझेदारी से एएमडी को भारत के तेजी से बढ़ते एआई अवसंरचना बाजार में एनवीडिया कॉरपोरेशन को चुनौती देने में बढ़त मिलेगी।
दोनों कंपनियों ने कहा कि टीसीएस और एएमडी मिलकर भारत में बड़े उद्यमों और संप्रभु एआई की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रैक-स्केल एआई अवसंरचना डिजाइन का मिलकर विकास करेंगी।
टीसीएस अपनी अनुषंगी इकाई हाइपरवॉल्ट एआई डेटा सेंटर लिमिटेड के जरिये एएमडी की अत्याधुनिक एआई अवसंरचना को भारत में लेकर आएगी। प्रस्तावित डिजाइन को 200 मेगावाट तक की क्षमता वाले एआई-सक्षम डेटा सेंटर के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
यह घोषणा नयी दिल्ली में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ की शुरुआत के बीच की गई है।
कंपनियों के मुताबिक, यह मंच अत्यधिक बड़े पैमाने के क्लाउड सेवा प्रदाताओं, एआई कंपनियों और बड़े उद्यमों के लिए उच्च-प्रदर्शन वाले एआई प्रशिक्षण और उपयोग से जुड़े कामकाज का समर्थन करेगा।
विस्तारित साझेदारी के तहत एएमडी अपना समग्र एआई कंप्यूट मंच उपलब्ध कराएगी, जबकि टीसीएस डेटा सेंटर इंजीनियरिंग, एकीकरण एवं उद्यम तैनाती क्षमताएं प्रदान करेगी।
दोनों कंपनियों का कहना है कि रैक-स्केल डिजाइन से प्रदर्शन दक्षता बढ़ेगी और उद्यमों में एआई तैनाती का समय घटेगा।
टीसीएस ने 2025 में हाइपरवॉल्ट की स्थापना गीगावाट-स्तर की सुरक्षित और विश्वसनीय एआई अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए की थी।
एएमडी की चेयर एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लिसा सू ने कहा, ‘‘हेलिओस के साथ हम एक खुला, रैक-स्तर का एआई मंच दे रहे हैं जो प्रदर्शन, सक्षमता और दीर्घकालिक लचीलेपन के लिए बनाया गया है। टीसीएस के साथ मिलकर हम पूरे भारत के उद्यमों को एआई अपनाने और भविष्य के लिए कंप्यूट आधार तैयार करने में सक्षम बना रहे हैं।’’
टीसीएस के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ के. कृतिवासन ने कहा, ‘‘यह सहयोग भारत में एएमडी की पहली ‘हेलिओस’-संचालित एआई अवसंरचना की नींव रखता है। एआई, कनेक्टिविटी, टिकाऊ ऊर्जा और उन्नत डेटा सेंटर इंजीनियरिंग में अपनी क्षमताओं को मिलाकर हम एआई कंपनियों और वैश्विक उद्यमों के लिए अत्याधुनिक अवसंरचना समाधान उपलब्ध कराने की स्थिति में हैं।’’
यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब भारत में एआई निवेश और कंप्यूट क्षमता विस्तार को लेकर वैश्विक चिप विनिर्माताओं के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है।
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प्रेम अजय
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