राजस्‍व संहिता नियमावली में संशोधन, खसरे-खतौनी का होगा कंप्‍यूटरीकरण

राजस्‍व संहिता नियमावली में संशोधन, खसरे-खतौनी का होगा कंप्‍यूटरीकरण

राजस्‍व संहिता नियमावली में संशोधन, खसरे-खतौनी का होगा कंप्‍यूटरीकरण
Modified Date: November 29, 2022 / 07:57 pm IST
Published Date: December 11, 2020 3:33 pm IST

लखनऊ, 11 दिसंबर (भाषा ) उत्‍तर प्रदेश सरकार ने खसरे-खतौनी को कंप्‍यूटरीकृत करने की व्यवस्था के लिए राजस्‍व संहिता नियमावली में संशोधन किया है। कंप्यूटरीकरण से दैवीय आपदा में राहत कार्य के लिए डाटा शीघ्र उपलब्‍ध हो सकेगा और भू-राजस्व से सम्बन्धित प्रकरण डिजिटलाइज्ड होंगे।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्‍यक्षता में शुक्रवार को संपन्‍न हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्‍ताव को मंजूरी मिली। राज्‍य सरकार ने कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी एक विज्ञप्ति के जरिये शुक्रवार को दी।

राजस्‍व संहिता नियमावली में संशोधन के बाद खसरे-खतौनी को कंप्यूट्रीकृत करने से सरकार की योजनाओं, दैवीय आपदा राहत कार्य हेतु डाटा शीघ्र उपलब्ध हो सकेगा।

राज्‍य सरकार के प्रवक्‍ता के मुताबिक इस फैसले से विभिन्न न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों को आसानी से दर्ज किया जा सकेगा और सह-खातेदारों के अंश भी वरासत/नामान्तरण के साथ ही दर्ज हो जायेंगे। ग्राम सभा भूमि की विनिमय (अदल-बदल) प्रक्रिया सरल हो सकेगी।

प्रवक्ता के अनुसार खतौनी के कम्प्यूटराइजेशन, वरासत दर्ज करने की ऑनलाइन प्रक्रिया सह-खातेदारों के अंश निर्धारण आदि से जन सामान्य को सीधा लाभ प्राप्त हो सकेगा। इस संशोधन के पश्चात् वरासत दर्ज करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं शुचिता आयेगी तथा पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण राजस्व निरीक्षक/लेखपाल द्वारा प्रकरण को नियत अवधि के पश्चात अपने स्तर पर लंबित नहीं रखा जा सकेगा। भूमि प्रबंधक समिति के स्थान पर उपजिलाधिकारी द्वारा भी ग्राम सभा की भूमि का विनिमय प्रस्तावित किया जा सकेगा।

भाषा आनन्‍द मनोहर

मनोहर


लेखक के बारे में