नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) देश की कुछ मंडियों में सरसों की नयी फसल की छिटपुट आवक शुरू होने के बीच स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल-तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए। जाड़े की कमजोर मांग के बीच कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के दाम में भी गिरावट रही। आगामी त्योहारों की आहट के बीच हल्के तेलों में सोयाबीन तेल की ही सबसे अधिक मांग है जिससे सोयाबीन तेल के दाम मजबूत हुए। सबसे सस्ता होने के कारण नमकीन निर्माता कंपनियों की मांग बढ़ने से बिनौला तेल कीमतों में सुधार देखा गया। सामान्य कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन के दाम स्थिर बने रहे।
मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट जारी है। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में घट-बढ़ चल रही है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में विभिन्न स्थानों पर, सरसों की नयी फसल की छिटपुट आवक शुरू हो गई है और कुछ स्थानों पर प्लांट वालों ने सरसों के दाम घटाये हैं। पुरानी सरसों से नयी सरसों का दाम लगभग 100 रुपये क्विंटल नीचे है क्योंकि नये फसल में अभी कुछ नमी की मात्रा है जिससे तेल का रंग थोड़ा हरा रहता है। लेकिन सुकून की बात यह है कि फिलहाल नयी सरसों फसल के दाम भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आसपास ही हैं। आगे आवक बढ़ने के बाद सरसों के दाम में कुछ गिरावट आ सकती है। लेकिन सरसों की खपत तभी बढ़ सकती है जब इसके दाम सोयाबीन तेल से कम हों।
उन्होंने कहा कि जाड़े की कमजोर मांग के बीच पाम एवं पामोलीन तेल के उपर भी दबाव है और इससे इनके दाम में गिरावट देखने को मिली।
सूत्रों ने कहा कि आपूर्ति की कमी की स्थिति (शॉर्ट सप्लाई) के बीच सोयाबीन तेल के दाम मजबूत बंद हुए। आगामी त्योहारों के मद्देनजर पकवानों, मिठाइयों के लिए हल्के तेलों में सबसे अधिक मांग सोयाबीन तेल की है। इसके अलावा नमकीन और अन्य खाद्य सामग्रियों को बनाने वाली कंपनियों की ओर से बिनौला तेल की भी अच्छी मांग होने से बिनौला तेल के दाम भी मजबूत रहे। हल्के तेलों में बिनौला तेल सबसे सस्ता है जबकि सूरजमुखी और मूंगफली तेल के दाम ग्राहकों के अनुकूल नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस बीच, देश के प्रमुख तेल संगठन, ‘सोपा’ ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से अमेरिका से ‘जीन स्तर पर संवर्धित’ (जीएम) सोयाबीन डीओसी का आयात बढ़ने की आशंका जताते हुए ऐसी पहल के प्रति अपनी आपत्ति जताई है। सोपा ने कहा कि ऐसे किसी कदम से देश के सोयाबीन किसानों का हित प्रभावित होगा।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन – 7,125-7,150 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली – 6,975-7,350 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 17,000 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,710-3,010 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,460-2,560 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,460-2,605 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,800 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,625 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,925 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,750 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना – 5,850-5,900 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 5,450-5,500 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय