नांदेड में 1600 की आबादी वाले गांव में 15,570 जन्म-मृत्यु प्रविष्टियां, सोमैया ने जांच की मांग की

Ads

नांदेड में 1600 की आबादी वाले गांव में 15,570 जन्म-मृत्यु प्रविष्टियां, सोमैया ने जांच की मांग की

  •  
  • Publish Date - February 5, 2026 / 08:22 PM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 08:22 PM IST

नांदेड, पांच फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के नांदेड जिले के करीब 1600 की आबादी वाले एक गांव में केंद्रीय नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) पोर्टल पर 2025 में 15,000 से अधिक जन्म और मृत्यु प्रविष्टियां दर्ज की गई हैं।

मामला संज्ञान में आने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के पूर्व सांसद किरीट सोमैया सहित कई नेताओं ने विस्तृत जांच की मांग की है।

ग्राम सेविका भावना कावले ने बृहस्पतिवार को बताया कि कंधार तहसील के सावलेश्वर में ‘पुरानी घटना जोड़ें’ श्रेणी के तहत 2025 में 15,570 विलंबित जन्म और मृत्यु पंजीकरण दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार गांव की आबादी 1,666 थी।

कावले ने बताया, ‘‘मैंने केवल एक जन्म पंजीकरण कराया है, वह भी तहसीलदार के आदेश पर। बाकी के पंजीकरण संदिग्ध लग रहे हैं। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा रही है और जांच जारी है।’’

नांदेड का बृहस्पतिवार को दौरा करने वाले सोमैया ने संवाददाताओं से कहा कि यह एक ‘नया घोटाला’ है। उन्होंने आशंका जताई कि वेबसाइट को हैक किया गया होगा।

सोमैया ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में छह और महाराष्ट्र में चार स्थानों पर इस तरह की धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई है। छह महीनों के भीतर 6,000 से 25,000 तक प्रमाण पत्र जारी किए गए, जो स्थानीय आबादी की संख्या से कहीं अधिक है। इसमें उत्तर प्रदेश और बिहार के एक बड़े गिरोह की संलिप्तता हो सकती है। व्यापक जांच की जानी चाहिए।’’

पूर्व सांसद ने कहा कि उन्होंने नांदेड जिले के स्वास्थ्य अधिकारी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और कंधार तहसील के विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सावलेश्वर सहित ऐसी घटनाओं की विस्तृत जांच की मांग की है।

अधिकारियों ने बताया कि यवतमाल जिले के सेंदुर, सानी और भवानी गांवों और जलगांव जिले के रताले से भी इसी तरह के संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिससे एक व्यापक नेटवर्क की आशंका बढ़ गई है।

भाषा धीरज नरेश

नरेश