नयी दिल्ली, 17 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को कहा कि देश में कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े नियम जरूरत से ज्यादा कड़े नहीं बल्कि नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री ने यहां ‘अमेजन वेब सर्विस’ नयी दिल्ली संगोष्ठी 2026 में कहा कि प्रौद्योगिकी बदलाव का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है जहां कृत्रिम मेधा समाधान समेत अनेक प्रौद्योगिकी नवाचारों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं।
प्रसाद ने कहा कि ‘‘ विस्तार, गति, नवाचार एवं समावेशन’’ भारत की ताकत हैं।
कृत्रिम मेधा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि नियमों का उद्देश्य जरूरत से ज्यादा नियंत्रण करना नहीं है और ये इतने पर्याप्त हैं कि नवाचार आगे बढ़ सके।
उन्होंने कहा, ‘‘ जब तक समाज के निचले स्तर तक प्रौद्येागिकी बदलाव का लाभ नहीं पहुंचेगा, तब तक भारत खुद को सफल नहीं मानेगा।’’
मंत्री ने कहा कि ये बदलाव न केवल लोगों की उत्पादकता बढ़ाए बल्कि आय स्तर में सुधार करे और जीवन स्तर को भी बेहतर बनाए। लाभ सभी तक पहुंचने चाहिए।
इस संगोष्ठी में अमेजन वेब सर्विस और उद्योग संगठन नैसकॉम ने वर्ष 2027 तक 2,50,000 शिक्षार्थियों को कृत्रिम मेधा और क्लाउड प्रौद्योगिकी में दक्ष बनाने के लिए रणनीतिक सहयोग की घोषणा भी की।
भाषा निहारिका
निहारिका