(तस्वीर के साथ)
चेन्नई, 17 फरवरी (भाषा) तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने मंगलवार को विधानसभा में 2026-27 का अंतरिम बजट पेश किया और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के लिए 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किए। साथ ही द्रमुक सरकार की अन्य सभी प्रमुख योजनाओं के लिए भी आवंटन किया गया।
बजट पेश करते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु में वित्तीय संकट पैदा करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही है। संघीय शासन प्रणाली में अतीत में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जहां राज्यों के साथ केंद्र सरकार द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया है।
उन्होंने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख किया और कहा, ‘‘ हालांकि, मेरा दृढ़ विश्वास है कि इस सरकार को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वे अभूतपूर्व हैं। हर क्षेत्र में चाहे तमिलनाडु के लिए बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की मंजूरी न देना हो, केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि रोकना हो, बिना परामर्श कर कर-राजस्व में कटौती करना हो या खर्च तय करने के लिए अनुचित शर्तें थोपना…केंद्र सरकार तमिलनाडु में वित्तीय संकट उत्पन्न करने की हरसंभव कोशिश करती दिखाई देती है।’’
बजट में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए उन्होंने कुल 5,463 करोड़ रुपये आवंटित किए।
उन्होंने कहा कि परिवहन निगमों की परिचालन क्षमता, सेवा वितरण और वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने के लिए, प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन प्रदान करने को 2,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ एक व्यवहार्यता अंतर कोष बनाया गया है।
मंत्री ने कहा, ‘‘ इस अंतरिम बजट अनुमान में, विदियाल पयानम योजना (महिला लाभार्थियों के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना) के लिए 4,000 करोड़ रुपये, छात्र बस किराया योजना के लिए 1,782 करोड़ रुपये और डीजल सब्सिडी के लिए 1,857 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।’’
कुल मिलाकर अंतरिम बजट अनुमानों में परिवहन विभाग को 13,062 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 2026-27 के अंतरिम बजट अनुमानों में राजस्व घाटा 48,696.32 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम बजट अनुमानों में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के तीन प्रतिशत तक कम होने का अनुमान है। सरकार ने 2026-27 के दौरान कुल 1,79,809.65 करोड़ रुपये उधार लेने और 60,413.42 करोड़ रुपये चुकाने की योजना बनाई है। परिणामस्वरूप 31 मार्च, 2027 तक बकाया कर्ज 10,71,770.34 करोड़ रुपये होगा।
उन्होंने 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पर कहा कि तमिलनाडु को इससे बहुत निराशा हुई है।
मंत्री का अंतरिम बजट भाषण लगभग ढाई घंटे चला और इसे अब तक के सबसे लंबे संबोधनों में से एक माना जा रहा है।
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव अप्रैल, 2026 में प्रस्तावित हैं और उम्मीद है कि मतदान उसी महीने कराया जाएगा।
भाषा निहारिका अजय
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