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Madhya Pradesh Budget 2026: भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार बुधवार, 18 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश करने जा रही है। करीब 4.80 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित आकार वाला यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा विधानसभा में राज्य का पहला पूरी तरह डिजिटल बजट पेश करेंगे। पारंपरिक ब्रीफकेस की जगह वे टैबलेट के माध्यम से बजट भाषण पढ़ते नजर आएंगे, जो राज्य की वित्तीय कार्यप्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बजट पेश होने से पहले सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण के प्रमुख संकेतक भी सामने रखे हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत देते हैं। अनुमान है कि 2025–26 में मध्य प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 11.14 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा। वहीं प्रति व्यक्ति आय 1,69,050 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2011–12 में मात्र 38,497 रुपये थी। इससे साफ है कि बीते वर्षों में राज्य की आय और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
कृषि और पशुपालन क्षेत्र का योगदान भी राज्य की अर्थव्यवस्था में बढ़ता दिख रहा है। सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में 2025–26 के दौरान फसलों का योगदान 6.38 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि पशुधन क्षेत्र की हिस्सेदारी 7.08 प्रतिशत से बढ़कर 7.22 प्रतिशत हो गई है। सरकार वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है, इसलिए बजट में किसानों के लिए नई योजनाएं, कृषि अवसंरचना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले प्रावधानों की उम्मीद की जा रही है। वहीं, बजट में लाड़ली बहनों यानी की महिलाओं के लिए भी नई घोषणा का ऐलान किया जा सकता है।
राजकोषीय स्थिति के लिहाज से भी राज्य संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। 2025–26 के बजट अनुमान के अनुसार राजकोषीय घाटा 4.6 प्रतिशत रहने की संभावना है। साथ ही केंद्र से मिलने वाले करों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद जताई गई है, जिससे विकास योजनाओं को गति मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राजस्व संग्रह और केंद्र से मिलने वाले हिस्से में वृद्धि होती है तो राज्य की विकास परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती मिलेगी।
इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह भी बताई जा रही है कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है जो ‘थ्री-ईयर रोलिंग बजट’ पेश करेगा। यानी सरकार सिर्फ एक वर्ष की नहीं, बल्कि अगले तीन वर्षों की वित्तीय और विकास कार्ययोजना का खाका पेश करेगी।
बजट में महिलाओं के लिए भी विशेष प्रावधानों की संभावना है। महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, पोषण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के लिए भी बजट में बड़े आवंटन का संकेत है, जिसमें बुनियादी ढांचा, धार्मिक पर्यटन और शहर विकास से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हो सकते हैं।