गुवाहाटी, 19 फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार, असम वित्त वर्ष 2026-27 में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन बिलों का भुगतान पूरी तरह से अपने स्वयं के कर हस्तांतरण से करने में सक्षम होगा।
असम विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान शर्मा ने यह भी घोषणा की कि राज्य की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2027-28 तक 10 लाख करोड़ रुपये की हो जाएगी। यह उपलब्धि राज्य द्वारा निर्धारित लक्ष्य से दो साल पहले ही हासिल कर ली जाएगी।
उन्होंने सदन को बताया, ‘‘पिछले वित्त आयोगों के हस्तांतरण में असम की हिस्सेदारी कम हो रही थी और यह लगभग तीन प्रतिशत पर टिकी थी। लेकिन 16वें वित्त आयोग ने देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में राज्य के योगदान के आधार पर हिस्सेदारी तय की है। इसके परिणामस्वरूप, हमारा हस्तांतरण बढ़कर 3.25 प्रतिशत हो गया है।’’
शर्मा ने कहा कि 2026-27 में असम को कर हस्तांतरण के रूप में लगभग 50,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का भुगतान पूरी तरह से कर राजस्व के माध्यम से कर सकेंगे। 77 वर्षों में यह पहली बार हो रहा है कि वेतन बिलों का भुगतान हमारे अपने कर राजस्व से होगा।’’
मुख्यमंत्री के अनुसार, अगले वित्त वर्ष में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के लिए लगभग 48,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय कर हस्तांतरण के अतिरिक्त, राज्य का अपना कर संग्रह अगले वित्त वर्ष में लगभग 30,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
भाषा सुमित अजय
अजय