दोनों टीमें ग्रुप बी से सुपर आठ में पहुंच चुकी हैं और लीग चरण में ऑस्ट्रेलिया को हराने वाली जिम्बाब्वे के प्रदर्शन ने सभी को चौंका दिया है। जिम्बाब्वे ने पावरप्ले में बिना विकेट खोए 55 रन बना लिए थे। सलामी बल्लेबाज बेनेट और ताडी मारूमानी (26 गेंद में 34 रन) ने पहले विकेट के लिए 8.3 ओवर में 69 रन जोड़े। मारूमानी को दुनिथ वेलालागे ने रिटर्न कैच लेकर आउट किया, जबकि रियान बर्ल ने 12 गेंद में 23 रन बनाए लेकिन दासुन शनाका की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।
इसके बाद सिकंदर रजा और बेनेट ने पारी को संभाला। रजा ने दिलशान मदुशंका के एक ओवर में लगातार दो छक्के लगाए और अगले ओवर में महीष तीक्षणा पर एक छक्का व एक चौका जड़ा। हालांकि 19वें ओवर में दुशान हेमंता ने रजा को आउट किया और दो गेंद बाद ताशिंगा मुसेकिवा भी पवेलियन लौट गए। आखिरी ओवर में जिम्बाब्वे को आठ रन चाहिए थे, जिसे टोनी मुनियोंगा ने तीक्षणा पर छक्का लगाकर पूरा कर लिया।
धीमी पिच पर शानदार जीत
इससे पहले धीमी पिच पर श्रीलंका की टीम सात विकेट पर 178 रन ही बना सकी। सलामी बल्लेबाज कुसल परेरा (22) और पाथुम निसांका (62) ने तेज शुरुआत देते हुए 4.5 ओवर में 54 रन जोड़े। (zimbabwe won against sri lanka) हालांकि इसके बाद रनगति धीमी हो गई और स्पिनरों सिकंदर रजा, ग्रीम क्रेमर, रियान बर्ल और वेलिंगटन मसाकाजा ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पवन रत्नायके ने 25 गेंद में 44 रन बनाकर टीम को 150 के पार पहुंचाया, जबकि आखिरी दो ओवरों में 30 रन बने, लेकिन टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।