नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने विमानन कंपनियों और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए वैश्विक ईंधन कीमतों में वृद्धि का बोझ स्वयं वहन करने का फैसला किया है तथा घरेलू विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में शुक्रवार को कोई बदलाव नहीं किया गया। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने यह जानकारी दी।
पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर के खुदरा दाम भी स्थिर रखे गए हैं, ताकि उपभोक्ता अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं हों।
आईओसी ने एक बयान में कहा कि आम लोगों को प्रभावित करने वाले प्रमुख ईंधनों की दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया है।
एटीएफ की कीमतें हर महीने की एक तारीख को लागत के आधार पर संशोधित की जाती हैं।
घरेलू विमानन कंपनियों के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए कीमतों में वृद्धि की गई है।
आईओसी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम उपभोक्ताओं के लिए अपरिवर्तित रहे हैं। कुल खपत में इन उपभोक्ताओं की हिस्सेदारी करीब 90 प्रतिशत है। इसी तरह, करीब 33 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी के 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित मिट्टी के तेल की कीमतों में भी बदलाव नहीं किया गया है।
बयान के मुताबिक, कुल मिलाकर करीब 80 प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है ताकि अधिकतर उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
आईओसी ने कहा कि कीमतों में संशोधन केवल उन चुनिंदा औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित रखा गया है जिनकी खपत में हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है और जिनमें वैश्विक मानकों के आधार पर नियमित मासिक बदलाव किए जाते हैं।
कंपनी ने कहा कि थोक और वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन किया गया है जिनकी कुल खपत में हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है। साथ ही, थोक डीजल और अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाओं के लिए एटीएफ की कीमतों में वृद्धि की गई है। हालांकि, कंपनी ने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
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सिम्मी यासिर
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