लखनऊ, 10 अगस्त (भाषा) सावन के पावन सोमवार पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शिवालयों से लेकर काशी, प्रयागराज और अयोध्या तक पूरा प्रदेश भगवान शिव की भक्ति में डूबा नजर आया। बाबा विश्वनाथ के दरबार से लेकर गांवों और शहरों के छोटे-बड़े शिव मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों की गूंज सुनाई दी। सोमवार को यहां जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। कांवड़िए कंधों पर गंगाजल लिए ‘बोल बम’ के उद्घोष के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। प्रदेश भर में शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पण और भजन-कीर्तन का क्रम दिनभर चलता रहा।
काशी में सावन के सोमवार का विशेष उत्साह देखने को मिला। बाबा विश्वनाथ धाम में रविवार रात से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। गंगा स्नान के बाद कांवड़िए पवित्र जल लेकर विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर घंटे-घड़ियाल और डमरू की ध्वनि से गूंजता रहा। शाम की गंगा आरती के समय घाटों पर दीपों की रोशनी और श्रद्धालुओं की भीड़ ने अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण बना दिया।
प्रयागराज में मनकामेश्वर मंदिर सहित प्रमुख शिवालयों में भोर से ही दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। संगम स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना की। वहीं, अयोध्या के नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, पंचमुखी महादेव और अन्य प्रमुख शिवालयों में भी देर शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।
प्रदेश भर में कांवड़ यात्रा का उत्साह चरम पर रहा। भगवा वस्त्र धारण किए कांवड़िए पैदल, साइकिल और वाहनों से यात्रा करते नजर आए। जगह-जगह स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने उनके लिए विश्राम शिविर, जलपान और चिकित्सा शिविर लगाए। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया गया।
भाषा आनन्द गोला
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