Reported By: Jitendra Thawait
,Bilaspur GGU Land Controversy News/Image Credit: AI
Bilaspur GGU Land Controversy News: बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर का गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय फिर विवादों में है। यूनिवर्सिटी की 5 एकड़ जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अग्रवाल समाज को ये जमीन गार्डन विकसित करने के लिए दी गई। जिसके बाद छात्र संगठन और स्टूडेंट्स विरोध में उतर आए। मामला इतना बढ़ा कि छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश कर दिया और कुलपति पर जमीन के बंदरबांट का गंभीर आरोप लगाया।
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में नए विवाद की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर की करीब 5 एकड़ जमीन को लेकर हुई। जानकारी के मुताबिक अग्रवाल समाज की ओर से इस जमीन को गार्डन के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय के सामने रखा गया था। इस प्रस्ताव को कार्यसमिति की बैठक में रखने के बजाय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में मंजूरी दिए जाने का निर्णय लिया गया। (Bilaspur GGU Land Controversy News) विश्वविद्यालय की अनुमति मिलने के बाद जब यह मामला सामने आया, तो विरोध के स्वर तेज हो गए। विरोध करने वालों का तर्क था कि विश्वविद्यालय की जमीन किसी एक समाज विशेष को देना उचित नहीं है। वहीं सामाजिक स्तर पर भी सवाल उठने लगे। कुछ लोगों ने गुरु घासीदास बाबा के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय में सतनामी समाज को जमीन देने की मांग तक उठा दी। देखते ही देखते जमीन का यह विवाद सामाजिक और सियासी मुद्दे में बदल गया। हालांकि इस बीच जमीन की मांग करने वाले अग्रवाल समाज का कहना है कि उन्होंने अच्छी नियत से जमीन की मांग की थी इसके पीछे किसी भी तरह से लाभ कमाना या कोई और मंशा नहीं थी।
Bilaspur GGU Land Controversy News: जमीन आवंटन के विरोध में छात्र संगठन भी खुलकर सामने आ गए। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कुलपति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारी छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की सरकारी जमीन को नियमों की अनदेखी करते हुए किसी समाज विशेष को देने की कोशिश की गई। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की जमीन का इस्तेमाल किसी एक समाज के हित में नहीं। बल्कि विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों के हित में होना चाहिए।
विवाद बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मामले को लेकर सफाई सामने आई। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि जमीन को लेकर जो प्रस्ताव सामने आया था। (Bilaspur GGU Land Controversy News) जमीन पर सौंदर्यीकरण का काम किया जाना प्रस्तावित था, उसे लेकर बढ़ते विरोध और आपत्तियों को देखते हुए फैसला वापस लेने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल विरोध के बाद जमीन देने का फैसला वापस लेने का निर्णय तो हो गया है, लेकिन इस पूरे विवाद ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और नीतियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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