एटीएफ कीमतें करीब 10 प्रतिशत बढ़ीं, एयरलाइंस के लिए मूल्य स्थिरीकरण योजना शुरू
एटीएफ कीमतें करीब 10 प्रतिशत बढ़ीं, एयरलाइंस के लिए मूल्य स्थिरीकरण योजना शुरू
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में मंगलवार को करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई, जिसके साथ ही सरकार समर्थित मूल्य स्थिरीकरण व्यवस्था लागू हो गई है।
इस योजना के तहत घरेलू एयरलाइन कंपनियों को तीन साल तक निर्धारित दर पर ईंधन उपलब्ध कराने का विकल्प दिया गया है, ताकि वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव से उन्हें आंशिक सुरक्षा मिल सके।
उद्योग सूत्रों ने कहा कि घरेलू एयरलाइंस के लिए अब एटीएफ की कीमत 115 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो पहले 104.927 रुपये प्रति लीटर थी।
इस स्वैच्छिक योजना में शामिल होने वाली एयरलाइंस को एटीएफ तय दर पर मिलेगा। वहीं, योजना का हिस्सा न बनने वाली एयरलाइंस को बाजार आधारित कीमत चुकानी होगी, जो फिलहाल लगभग 142 रुपये प्रति लीटर है।
सूत्रों ने बताया कि योजना के तहत एयरलाइंस को 86.32 रुपये प्रति लीटर के आधार मूल्य पर एटीएफ मिलेगा। हालांकि, हवाई अड्डा शुल्क, पेट्रोलियम कंपनियों का मार्जिन और कर जोड़ने के बाद एटीएफ की दिल्ली में प्रभावी कीमत 115 रुपये, मुंबई में 114.5 रुपये और चेन्नई में 139 रुपये प्रति लीटर होगी।
सरकार ने यह कदम पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को हुए नुकसान की भरपाई और एयरलाइंस को लागत में अस्थिरता से बचाने के उद्देश्य से उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये की मूल्य स्थिरीकरण योजना को मंजूरी दी है।
इस योजना में प्रावधान है कि यदि वैश्विक कीमतें आधार दर से ऊपर जाती हैं, तो सरकार तेल कंपनियों को ब्याज-मुक्त अग्रिम देकर इस अंतर की भरपाई करेगी। वहीं, कीमतें घटने पर यह अंतर कंपनियों से वसूल कर भारत की संचित निधि में जमा किया जाएगा।
एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी एटीएफ की होती है और कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के समय यह 60 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
मई में अंतरराष्ट्रीय विमान ईंधन कीमतें बढ़कर करीब 142 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं, जिससे एयरलाइंस की लागत और किराये पर दबाव बढ़ा था।
सूत्रों ने स्पष्ट किया कि मूल्य स्थिरीकरण व्यवस्था कोई सब्सिडी नहीं है, बल्कि एक अस्थायी ढांचा है, जिसका उद्देश्य ईंधन कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को संतुलित करना और यात्रियों पर किराये का बोझ कम रखना है।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

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