नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी अवाडा ग्रुप की योजना चालू वित्त वर्ष में पांच गीगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं जोड़ने की है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि इसके लिए बिजली खरीद समझौतों (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं और आवश्यक ग्रिड संपर्क मंजूरी भी मिल गई है।
अवाडा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल ने बताया कि कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में दो गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं जोड़ी थीं।
मित्तल ने कहा, “पिछले वर्ष हम एक से दो गीगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ सकते थे, लेकिन पीपीए पर हस्ताक्षर में देरी और पारेषण प्रणाली पूरी तरह तैयार नहीं होने के कारण हमें अपनी परियोजनाओं का कार्यक्रम पारेषण नेटवर्क की उपलब्धता के अनुरूप करना पड़ा।”
उन्होंने कहा कि पांच गीगावाट नयी क्षमता जुड़ने के बाद मार्च, 2027 तक कंपनी की कुल परिचालन क्षमता बढ़कर 12 गीगावाट हो जाएगी।
मित्तल ने बताया कि यह पांच गीगावाट क्षमता सौर, पवन और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) परियोजनाओं का मिश्रण होगी। इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इन्हें महाराष्ट्र, गुजरात तथा राजस्थान में स्थापित किया जाएगा।
कंपनी ने वर्ष 2030 तक 30 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
विनिर्माण कारोबार के बारे में मित्तल ने कहा कि कंपनी महाराष्ट्र के नागपुर स्थित बुटीबोरी में एक एकीकृत विनिर्माण परिसर स्थापित कर रही है। इस इकाई में सौर उपकरणों के लिए जरूरी उत्पादों का उत्पादन एक ही परिसर में किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम एक ऐसा एकीकृत विनिर्माण परिसर विकसित कर रहे हैं, जहां सहायक उत्पादों का निर्माण भी एक ही छत के नीचे किया जाएगा।’’
भाषा योगेश अविनाश
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