बजाज फिनसर्व ने एलियांज से 23 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण 21,390 करोड़ रुपये में पूरा किया

बजाज फिनसर्व ने एलियांज से 23 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण 21,390 करोड़ रुपये में पूरा किया

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  • Publish Date - January 8, 2026 / 08:27 PM IST,
    Updated On - January 8, 2026 / 08:27 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) वित्तीय सेवा कंपनी बजाज फिनसर्व ने संयुक्त उद्यम भागीदार जर्मनी की एलियांज एसई से अपनी अनुषंगी बीमा कंपनी बजाज जनरल इंश्योरेंस और बजाज लाइफ इंश्योरेंस में 23 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। यह अधिग्रहण क्रमशः 12,190 करोड़ रुपये और 9,200 करोड़ रुपये में किया गया है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड और जमनालाल संस प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर किए गए इस अधिग्रहण से दोनों बीमा कंपनियों में बजाज समूह का स्वामित्व 74 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत हो गया है। इससे बजाज फिनसर्व को 75.01 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बीमा कंपनियों पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त हो गया है।

बजाज फिनसर्व ने बयान में कहा कि इस अधिग्रहण के साथ बजाज फिनसर्व और एलियांज एसई के बीच चला आ रहा 24 साल पुराना सफल संयुक्त उद्यम समाप्त हो गया है।

कंपनी ने बताया कि एलियांज की शेष तीन प्रतिशत हिस्सेदारी का हस्तांतरण आने वाले कुछ महीनों में बीमा कंपनियों द्वारा प्रस्तावित शेयर पुनर्खरीद के जरिए पूरा किया जाने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया लागू कानूनों और आवश्यक मंजूरियों के अधीन होगी।

कंपनी ने बताया कि अगर यह शेयर पुनर्खरीद पूरी हो जाती है, तो बजाज फिनसर्व की हिस्सेदारी लगभग 77.3 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के पास लगभग 18.1 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी और बाकी हिस्सेदारी जमनलाल सन्स प्राइवेट लिमिटेड के पास रहेगी।

बजाज फिनसर्व ने बताया कि यह सौदा भारतीय बीमा क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा है। साथ ही यह भारतीय व्यापार समूह द्वारा किसी वैश्विक संयुक्त उद्यम भागीदार की सबसे महत्वपूर्ण खरीद में से एक है।

कंपनी ने कहा कि इस खरीद से बीमा कंपनियों के संचालन या पॉलिसीधारकों और व्यापारिक साझेदारों के हितों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

बजाज फिनसर्व के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव बजाज ने कहा, ‘‘यह सौदा बजाज समूह के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव है। यह हमें सरकार के ‘सभी के लिए बीमा’ के दृष्टिकोण में और भी मजबूती से योगदान देने में सक्षम बनाएगा, जो ‘मेड इन इंडिया, मेड फॉर इंडिया और मेड बाय इंडिया’ पर आधारित है।’

उन्होंने कहा कि यह अधिग्रहण नए बाजारों तक पहुंचने, नए उत्पाद पेश करने, विस्तार करने और विकास को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक मजबूती प्रदान करता है क्योंकि भारत में बीमा की पहुंच अगले दो दशकों में तेजी से बढ़ने वाली है।

भाषा योगेश रमण

रमण