वृद्धि ऊंची, महंगाई कम होने पर ब्याज दर में कटौती ‘गोली’ बर्बाद करने जैसा: पीडब्ल्यूसी

वृद्धि ऊंची, महंगाई कम होने पर ब्याज दर में कटौती ‘गोली’ बर्बाद करने जैसा: पीडब्ल्यूसी

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 04:05 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 04:05 PM IST

नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों को स्थिर रखने का समर्थन करते हुए पीडब्ल्यूसी के भागीदार और आर्थिक सलाहकार सेवा के प्रमुख रानेन बनर्जी ने कहा कि जब वृद्धि दर मजबूत है और मुद्रास्फीति नियंत्रण में है, उस समय किसी भी कटौती का मतलब ‘गोली बर्बाद करने’ जैसा होगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अगले महीने होने वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में मुख्य नीतिगत दर में कटौती की संभावना नहीं है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में एमपीसी की बैठक चार से छह फरवरी, 2026 को होनी है। यह चालू वित्त वर्ष की आखिरी बैठक होगी।

बनर्जी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि यदि वृद्धि के आंकड़े स्थिर बने हुए हैं और आधार वर्ष में संशोधन भी होने वाला है, जिससे बेहतर अनुमान मिलने की उम्मीद है, तो ब्याज दर में कटौती की कोई आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा कि चूंकि निजी पूंजीगत व्यय ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील नहीं है, इसलिए उसमें तेजी तब आएगी जब क्षमता उपयोग 85 प्रतिशत के करीब होगा।

बनर्जी ने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि निजी पूंजीगत व्यय ब्याज दर की वजह से रुका हुआ है। इसका कारण यह है कि मांग को लेकर अनिश्चितता है या मांग में विश्वास या स्थिरता की कमी है। क्षमता उपयोग अभी भी 70-75 प्रतिशत के दायरे में है। जब तक क्षमता उपयोग 85 प्रतिशत के करीब नहीं पहुंच जाता, तब तक निजी क्षेत्र के लिए अतिरिक्त क्षमता बढ़ाने की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है।”

उन्होंने कहा कि एमपीसी इस समय ब्याज दर में और कटौती नहीं करेगी क्योंकि यह एक गोली बर्बाद करने जैसा होगा।

बनर्जी ने कहा, ”जब जरूरत न हो, तब गोली चलाने का कोई फायदा नहीं है क्योंकि हमारी वृद्धि दर अच्छी है और मुद्रास्फीति नियंत्रित है। इसलिए, इस समय दर में किसी भी बदलाव की आवश्यकता नहीं है।”

भाषा पाण्डेय रमण

रमण