बैंक यूनियन ने पीएसबी पर ऊपर से थोपे जाने वाले सुधारों का विरोध किया, लोकतांत्रिक बोर्ड की मांग
बैंक यूनियन ने पीएसबी पर ऊपर से थोपे जाने वाले सुधारों का विरोध किया, लोकतांत्रिक बोर्ड की मांग
नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) पर ऊपर से थोपे जाने वाले और बाजार केंद्रित पुनर्गठन का विरोध किया है। संगठन ने लोकतांत्रिक बोर्ड, व्यापक हितधारक प्रतिनिधित्व और सार्वजनिक उद्देश्य वाली बैंकिंग की बहाली करने को भी कहा है।
सभी बैंक यूनियनों के इस शीर्ष संगठन ने छोटी जमाओं पर उचित और मुद्रास्फीति आधारित प्रतिफल सुनिश्चित करने, पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती करने और आम ग्राहकों को प्रत्यक्ष शाखा आधारित ऋण सुविधा बढ़ाने की मांग की है।
सरकार को लिखे एक खुले पत्र में यूएफबीयू ने बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों, जमाकर्ताओं, किसानों, एमएसएमई और अन्य संबंधित पक्षों के प्रभावी प्रतिनिधित्व के साथ बोर्ड स्तर के सभी रिक्त पदों को भरने की अपील की।
यूनियन ने यह भी मांग की कि पीएसबी सुधारों पर प्रस्तावित किसी भी उच्चाधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति में कर्मचारियों व अधिकारियों, किसानों और कृषि संगठनों, एमएसएमई, जमाकर्ताओं, सहकारी समितियों, उपभोक्ता समूहों और स्वतंत्र जनहित विशेषज्ञों के प्रतिनिधि शामिल होने चाहिए।
यूएफबीयू ने एक बयान में कहा कि ऐसी समिति के विचारार्थ विषय, प्रस्तुतियां और अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
यह मांग वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा यह घोषणा किए जाने के कुछ दिनों बाद आई है कि सरकार विकसित भारत की वित्तपोषण आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बैंक तैयार करने के लिए जल्द ही ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग’ पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण

Facebook


