कच्चे तेल के दबाव में शेयर बाजार लगभग स्थिर बंद, निफ्टी में 20 अंक की बढ़त

कच्चे तेल के दबाव में शेयर बाजार लगभग स्थिर बंद, निफ्टी में 20 अंक की बढ़त

कच्चे तेल के दबाव में शेयर बाजार लगभग स्थिर बंद, निफ्टी में 20 अंक की बढ़त
Modified Date: August 21, 2026 / 04:39 pm IST
Published Date: August 21, 2026 4:39 pm IST

मुंबई, 21 अगस्त (भाषा) वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को लगभग स्थिर बंद हुए।

विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल के दोबारा बढ़ने और कच्चे तेल की लगातार ऊंची कीमतों ने निवेशकों को बाजार में आक्रामक रुख अपनाने से रोकने का काम किया।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 3.11 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 77,725.67 के ऊंचे और 77,445.86 के निचले स्तर तक गया। इस दौरान इसमें 279.81 अंक का उतार-चढ़ाव रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 20.15 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,252 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व और एशियन पेंट्स के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे।

दूसरी तरफ, ट्रेंट, मारुति, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और एचसीएल टेक में गिरावट रही।

एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार सीमित दायरे में रहा। निवेशकों ने बृहस्पतिवार की तेजी को कायम रखने की कोशिश की, लेकिन बाजार को निर्णायक दिशा देने को लेकर उनमें भरोसे की कमी रही।’

उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान गतिरोध ने ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम बनाए रखा है और तेल की कीमतें भारत के लिए असहज स्तर पर बनी हुई हैं। अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल में हालिया बढ़ोतरी ने भी अनिश्चितता बढ़ाई है।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.06 प्रतिशत बढ़कर 93.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘वैश्विक स्तर पर ऊंचा बॉन्ड प्रतिफल बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई की आशंका के बीच अमेरिकी वित्त विभाग के बॉन्ड प्रतिफल कम करने के बावजूद बाजार को टिकाऊ राहत नहीं मिली है।’

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 583.36 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में बंद हुए, जबकि जापान का निक्की सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुआ।

यूरोपीय बाजार मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 628.04 अंक यानी 0.82 प्रतिशत उछलकर 77,537.72 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी भी लगातार सात दिन की गिरावट के बाद 153.55 अंक यानी 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,231.85 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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