बाइडेन ‘खंडित’ आव्रजन प्रणाली को ठीक करने के उत्सुक: व्हाइट हाउस

बाइडेन ‘खंडित’ आव्रजन प्रणाली को ठीक करने के उत्सुक: व्हाइट हाउस

बाइडेन ‘खंडित’ आव्रजन प्रणाली को ठीक करने के उत्सुक: व्हाइट हाउस
Modified Date: November 29, 2022 / 08:59 pm IST
Published Date: March 25, 2021 11:27 am IST

(ललित के झा)

वाशिंगटन, 25 मार्च (भाषा) व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन इस बात के उत्सुक हैं कि संसद को जल्द ही अमेरिका की ‘खंडित’ आव्रजन नीति को ठीक करना चाहिए, जिसके लिए उन्होंने पहले ही एक विधेयक भेजा है।

बाइडेन प्रशासन ने फरवरी में कांग्रेस के समक्ष एक महत्वाकांक्षी आव्रजन विधेयक पेश किया था, जिसमें अन्य बातों के अलावा रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए देशवार सीमाओं को खत्म करने का प्रस्ताव है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘राष्ट्रपति… मानते हैं कि तेजी से काम होना चाहिए, हमारी आव्रजन प्रणाली कई स्तरों पर खंडित है और वह चाहते हैं कि कांग्रेस इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए।’’

वह भारतीय-अमेरिकी डॉक्टरों के हालिया विरोध-प्रदर्शन पर एक सवाल का जवाब दे रही थीं, जो ग्रीन कार्ड के लिए मौजूदा प्रति देश कोटा को खत्म किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस कोटे के चलते भारतीयों को ग्रीन कार्ड के लिए कई दशक तक इंतजार करना पड़ता है।

ग्रीन कार्ड को आधिकारिक रूप से स्थायी निवास कार्ड के रूप में जाना जाता है और यह अमेरिका में अप्रवासियों को जारी किया गया एक दस्तावेज है, जो इस बात का सबूत है कि कार्डधारक को स्थायी रूप से निवास करने का विशेषाधिकार प्राप्त है।

इस कानून से हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों और उनके परिवारों को भी लाभ होगा।

एच4 और एल3 वीजाधारकों को रोजगार कार्ड जारी करने में होने वाली देरी के बारे में पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कई स्तरों पर कार्रवाई के चलते इसमें देरी होती है और इसलिए सरकार नए कानून पर जोर दे रही है।

एच-1बी वीजाधारकों के जीवनसाथियों एच-4 वीजा जारी किया जाता है, जो एक वर्क परमिट है। इनमें से अधिकांश भारतीय आईटी पेशेवर हैं।

बिडेन प्रशासन ने आप्रवासियों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए कई कदम उठाए हैं।

भाषा पाण्डेय मनोहर

मनोहर


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