पटना, 20 जनवरी (भाषा) बिहार सरकार ने मंगलवार को आधार के स्थायी नामांकन केंद्र (पीईसी) स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपए की परियोजना बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज लि. को सौंपी है। कंपनी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज लिमिटेड इस पीईसी परियोजना को अगले पांच वर्षों में लागू करेगी। कंपनी द्वारा जारी एक बयान में यह कहा गया। कंपनी को इससे पहले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) से जिला-स्तरीय आधार सेवा केंद्र (एएसके) स्थापित करने और संचालन करने की जिम्मेदारी मिली थी।
बीएलएस इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक शिखर अग्रवाल ने कहा, “हम डिजिटल समावेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि आधार जैसी आवश्यक सेवाएं सभी के लिए आसानी से सुलभ हों और हर नागरिक को डिजिटल पहचान प्राप्त करने में सशक्त बनाया जा सके।”
उन्होंने दावा किया कि कंपनी ने अत्याधुनिक तकनीक विकसित की है, जो “प्रमुख प्रणालियों के साथ निर्बाध रूप से एकीकृत होती है” और सभी के लिए तेज, सुरक्षित तथा उपयोगकर्ता-अनुकूल पहुंच सुनिश्चित करती है।
अग्रवाल ने कहा, “अपने व्यापक सेवा नेटवर्क और मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ हम पहले से कहीं अधिक डिजिटल विभाजन को पाट रहे हैं।”
कंपनी के बयान में कहा गया कि बीएलएस इंटरनेशनल का “70 से अधिक देशों में निर्बाध सेवाएं प्रदान करने का मजबूत रिकॉर्ड” है और वह “शासन, वित्तीय समावेश तथा नागरिक सेवाओं के क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति का लगातार विस्तार कर रही है।”
बीएलएस इंटरनेशनल द्वारा स्थापित किए जाने वाले पीईसी केंद्रों में यूआईडीएआई से जुड़े आधार नामांकन, आधार अद्यतन, आधार से संबंधित पूरक सेवाएं तथा निवासियों के लिए आधार जीवन-चक्र प्रबंधन से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
भाषा कैलाश रवि कांत रमण
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