(शीर्षक, इंट्रो, तीसरे पैरा में आंकड़ा ठीक करते हुए रिपीट)
मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया ने एफसीएनआर (बी) जमा के जरिये 2.33 अरब डॉलर (करीब 20,000 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। इससे बैंक की करीब तीन महीने की कर्ज जरूरत पूरी हो सकेगी।
बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रजनीश कर्नाटक ने कहा कि विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) (एफसीएनआर-बी) जमा के जरिये जुटाई गई नकदी से बैंक करीब एक तिमाही की कर्ज जरूरत पूरी कर सकेगा और बड़े जमा पर उसकी निर्भरता भी कम होगी।
कर्नाटक ने यहां वैश्विक फिनटेक सम्मेलन 2026 के दौरान अलग से बातचीत में कहा, ‘‘हमने एफसीएनआर (बी) योजना के जरिये 2.33 अरब डॉलर (करीब 20,000 करोड़ रुपये) की जमा जुटाई है। इससे बड़े जमा की जगह लेने में मदद मिलेगी। एफसीएनआर (बी) के जरिये जुटाई गई नकदी से एक तिमाही की कर्ज जरूरत पूरी हो जाएगी।’’
बैंक ने ये राशि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा घोषित विशेष एफसीएनआर(बी) जमा जुटाने की पहल के तहत जुटाई है।
बैंक द्वारा जुटाई गई यह राशि महत्वपूर्ण है क्योंकि कर्ज की मांग के बीच बैंक अपनी नकदी की स्थिति मजबूत करने और जमा आधार में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं। एफसीएनआर(बी) जमा के जरिये जुटाई गई राशि बैंक के लिए स्थिर विदेशी मुद्रा वित्तपोषण का एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराएगी और उसकी कर्ज गतिविधियों को समर्थन देगी।
कर्नाटक ने कहा कि एफसीएनआर(बी) जमा जुटाए जाने से बैंकों में पैदा हुई भारी अतिरिक्त नकदी के बावजूद बैंक अपने कर्ज वृद्धि लक्ष्य में बदलाव करने की संभावना नहीं रखता।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पूरे साल के लिए बैंक का कर्ज वृद्धि लक्ष्य 15-17 प्रतिशत है और हम इसी पर कायम रहेंगे।’’
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 10 सितंबर तक बैंकों में करीब 10.43 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी रहने का अनुमान है।
भाषा योगेश रमण
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