एसबीआई आंकड़ों की सुरक्षा के लिए सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर की तैनाती दिसंबर तक करेगा पूरी

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एसबीआई आंकड़ों की सुरक्षा के लिए सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर की तैनाती दिसंबर तक करेगा पूरी

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 10:21 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 10:21 PM IST

मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) भारतीय स्टेट बैंक ने डिजिटल व्यक्तिगत आंकड़ा संरक्षण (डीपीडीपी) रूपरेखा के अनुपालन की तैयारियों के तहत सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की खरीद कर ली है और इनकी तैनाती दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने कहा, ”डीपीडीपी अनुपालन के लिए सॉफ्टवेयर खरीदा जा चुका है और तैनाती दिसंबर तक पूरी हो जाएगी। कुछ हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर खरीदे जा चुके हैं और उनकी स्थापना दिसंबर तक कर दी जाएगी।”

देश के सबसे बड़े बैंकों में से एक होने के नाते, एसबीआई अपने बैंकिंग परिचालन में बड़ी मात्रा में ग्राहकों और वित्त संबंधी आंकड़ों को प्रसंस्कृत करता है, जिससे डेटा सुरक्षा और गोपनीयता उसके प्रौद्योगिकी तथा अनुपालन ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है।

प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे की खरीद और स्थापना का मकसद बैंक की प्रणालियों को मजबूत करना है, क्योंकि वह आंकड़ों के संरक्षण की नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रहा है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब व्यक्तिगत आंकड़ों को प्रसंस्कृत करने वाले बैंक और अन्य संगठन डिजिटल व्यक्तिगत आंकड़ा संरक्षण अधिनियम, 2023 और डीपीडीपी नियम, 2025 के तहत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपनी प्रणाली और प्रक्रियाओं को तैयार कर रहे हैं।

इस बीच, बैंक के प्रबंध निदेशक अश्विनी कुमार तिवारी ने कहा कि बैंक द्वारा मार्च 2027 से कृत्रिम मेधा (एआई) का उपयोग करके चेक का प्रसंस्करण शुरू किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस तकनीक का उपयोग 15,000 रुपये तक के चेक के लिए किया जाएगा।

तिवारी ने वैश्विक फिनटेक सम्मेलन के मौके पर कहा, ”हम मार्च 2027 तक एआई का उपयोग करके चेक का प्रसंस्करण शुरू कर सकते हैं। शुरुआत में, हम 15,000 रुपये तक की राशि वाले चेक पर विचार कर रहे हैं।”

भाषा पाण्डेय रमण

रमण