युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता से बीएसई सेंसेक्स 931 अंक लुढ़का

युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता से बीएसई सेंसेक्स 931 अंक लुढ़का

युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता से बीएसई सेंसेक्स 931 अंक लुढ़का
Modified Date: April 9, 2026 / 04:55 pm IST
Published Date: April 9, 2026 4:55 pm IST

मुंबई, नौ अप्रैल (भाषा) स्थानीय शेयर बाजारों में पांच दिन की तेजी के बाद बृहस्पतिवार को गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 931 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में 222 अंक की गिरावट रही। पश्चिम एशिया में युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता के बीच बाजार नुकसान में रहा।

लेबनान पर इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने के बाद युद्धविराम समझौते को लेकर अनिश्चितता बढ़ गयी है।

एशिया और यूरोप के अन्य बाजारों में कमजोर रुख, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर निकासी ने भी घरेलू बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 931.25 अंक यानी 1.20 प्रतिशत टूटकर 76,631.65 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 1,215 अंक की गिरावट 76,347.90 अंक पर आ गया था।

एनएसई निफ्टी 222.25 अंक यानी 0.93 प्रतिशत टूटकर 23,775.10 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में से इंटरग्लोब एविएशन, लार्सन एंड टुब्रो, इटर्नल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।

दूसरी तरफ, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर ग्रिड, एनटीपीसी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में तेजी रही।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.27 प्रतिशत बढ़कर 97.85 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में गिरावट का रुख था।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘युद्धविराम से जो उम्मीद बंधी थी, वह अब फीकी पड़ गयी है क्योंकि अमेरिका-ईरान तनाव के फिर से बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर जारी प्रतिबंधों के कारण कच्चे तेल की कीमत फिर से बढ़ गईं। इससे भारत में मुद्रास्फीति को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ घरेलू स्तर पर, मुनाफावसूली, 10-वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि और रुपये की विनिमय दर में गिरावट ने अल्पकालिक जोखिम लेने की प्रवृत्ति को कम कर दिया। पिछले सत्र की जोरदार तेजी के बाद वित्तीय क्षेत्र में गिरावट देखी गई। इसका कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निरंतर बिकवाली है।’’

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,811.97 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,168.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

सेंसेक्स बुधवार को 2,946.32 अंक चढ़कर 77,562.90 अंक पर रहा था जबकि निफ्टी 873.70 अंक के लाभ के साथ 23,997.35 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा रमण अजय

अजय


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