बीएसएनएल का राजस्व दो साल में 19 प्रतिशत बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये पर
बीएसएनएल का राजस्व दो साल में 19 प्रतिशत बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये पर
नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल का राजस्व बुनियादी ढांचे में सुधार के कारण दो साल में लगभग 19 प्रतिशत बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
बयान में संचार राज्यमंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी के प्रसार भारती को दिए गए एक साक्षात्कार का हवाला देते हुए कहा गया है कि बीएसएनएल के बदलाव के लिए सुनियोजित दृष्टिकोण अपनाये जाने से इसके वित्तीय प्रदर्शन में सुधार हुआ है।
पेम्मासानी ने कहा, “वित्तीय सुधार उल्लेखनीय है। बीएसएनएल का राजस्व दो वर्षों में 21,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये हो गया है। यह 20 से 25 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) में भारी उछाल आया है और यह 50 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 7,000 करोड़ रुपये हो गई है।’’ यह परिचालन दक्षता में सुधार को दर्शाता है।”
बीएसएनएल ने वित्त वर्ष 2024-25 में 23,427 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 में 21,302 करोड़ रुपये की कुल आय दर्ज की थी।
मंत्री ने कहा कि उनके और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा बीएसएनएल के प्रदर्शन की व्यवस्थित समीक्षा से सरकारी कंपनी को प्रभावित कर रही समस्याओं का विस्तृत विश्लेषण हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में टावर का संचालन समय केवल 75 प्रतिशत था। हमने 95 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित किया। 50,000 टावर में 50,000 बैटरियां बदलीं, बिजली संयंत्रों को उन्नत बनाया और पुराने केबल को बदला। इसके बाद हमने प्रत्येक सर्किल और राज्य स्तर पर उद्यम व्यवसाय और नए मोबाइल कनेक्शन के लिए व्यवस्थित लक्ष्य निर्धारित किए।’’
पेम्मासानी ने कहा कि बीएसएनएल के शुल्क निजी कंपनियों की तुलना में काफी सस्ते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम भारतीय डाक कार्यालयों के माध्यम से एक रुपये के सिम कार्ड दे रहे हैं ताकि लोग हमारी सेवा का अनुभव कर सकें। हम ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने के लिए भारतीय डाक के साथ भी काम कर रहे हैं। डाक कर्मचारी बीएसएनएल की बेहतर सेवाओं के बारे में सक्रिय रूप से जानकारी दे रहे हैं। जिन गांवों में बीएसएनएल ही एकमात्र विश्वसनीय विकल्प है, वहां लोगों को निश्चित रूप से इसे लेना चाहिए।’’
पेम्मासानी ने कहा कि स्वदेशी 4जी प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार एक गौरवपूर्ण उपलब्धि रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक ही वर्ष के भीतर 1,00,000 टावर पर स्वदेशी 4जी सेवा शुरू की और अब इसे लगभग वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित कर लिया है। भारत अब स्वदेशी 4जी प्रौद्योगिकी विकसित करने वाला दुनिया का पांचवा देश है।’’
भाषा रमण अजय
अजय

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