नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) सरकार ने मंगलवार को सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (पीपीपी) में ई-कॉमर्स जरिये निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केंद्र (हब) स्थापित करने की घोषणा की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सुगम नियामकीय और लॉजिस्टिक ढांचे के तहत ये केंद्र एक ही छत के नीचे व्यापार और निर्यात संबंधी सेवाओं की सुविधा देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और पारंपरिक कारीगरों को अपने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचने में सक्षम बनाने के लिए पीपीपी के जरिये ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र स्थापित किए जाएंगे।’’
वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने हाल ही में कहा था कि ई-कॉमर्स से देश के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक नियामकीय ढांचा सितंबर तक तैयार होने की उम्मीद है।
इस समय ई-कॉमर्स के जरिये भारत का निर्यात सालाना पांच अरब अमेरिकी डॉलर है, जबकि चीन का निर्यात 300 अरब डॉलर है। भारत में आने वाले वर्षों में इसके बढ़कर 50-100 अरब डॉलर होने की संभावना है।
भाषा पाण्डेय अजय
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