मंत्रिमंडल ने भारत-जापान के बीच आईसीटी क्षेत्र के लिए सहयोग ज्ञापन को मंजूरी दी

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मंत्रिमंडल ने भारत-जापान के बीच आईसीटी क्षेत्र के लिए सहयोग ज्ञापन को मंजूरी दी

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  • Publish Date - October 29, 2020 / 01:30 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:55 PM IST

नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और जापान के बीच सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के क्षेत्र में सहयोग के ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर की अनुमति दे दी है।

बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह एमओसी विभिन्न क्षेत्रों मसलन 5जी नेटवर्क, दूरसंचार सुरक्षा, सबमरीन केबल, संचार उपकरणों के प्रमाणन, नई वायरलेस और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल, आईसीटी क्षमता निर्माण, सार्वजनिक संरक्षण और आपदा राहत, कृत्रिम मेधा (एआई)/ब्लॉकचेन, स्पेक्ट्रम श्रृंखला, स्पेक्ट्रम प्रबंधन और बहुपक्षीय मंचों पर आपसी सहयोग के बारे में है।

बयान में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और जापान के बीच सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के लिए एमओसी पर हस्ताक्षर के लिए मंजूरी दे दी है।

यह करार संचार के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग और परस्पर समझ को मजबूत करने में मदद करेगा। चूंकि जापान के पास ‘विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक भागीदारी’ का दर्जा है, ऐसे में यह करार भारत के लिए रणनीतिक पहल में भी लाभकारी होगा।

बयान में कहा गया है, ‘‘एमओसी से भारत के लिए वैश्विक मानकीकरण प्रक्रिया में शामिल होने के अवसर बढ़ेंगे। आईसीटी प्रौद्योगिकियों में सहयोग से भारत में आईसीटी ढांचा मजबूत होगा।’’

भविष्य के सबमरीन केबल नेटवर्क और प्रौद्योगिकी के विकास में सहयोग से दूरदराज के क्षेत्रों से संपर्क मजबूत हो सकेगा।

भाषा अजय अजय मनोहर

मनोहर