कैग ने गुजरात में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में खामियों को किया उजागर
कैग ने गुजरात में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में खामियों को किया उजागर
गांधीनगर, 11 सितंबर (भाषा) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने गुजरात में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में गंभीर खामियों को उजागर किया है। कैग ने राज्य में परियोजनाओं में देरी, वित्तीय अनियमितताओं और पानी की गुणवत्ता की जांच में कमियों को रेखांकित किया है।
राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को पेश कैग की रिपोर्ट के मुताबिक, चुने गए गांवों में जांचे गए पानी के करीब 89 प्रतिशत नमूने पीने योग्य नहीं थे। वहीं, गलत गणना और योजना के तहत स्वीकार्य नहीं होने वाले खर्च के कारण ठेकेदारों को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।
लेखा-परीक्षा रिपोर्ट में 2019-20 से 2023-24 तक जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को शामिल किया गया है।
वित्तीय प्रबंधन के मोर्चे पर कैग ने पाया कि कर्मचारियों के आवास एवं कार्यालय भवनों पर 28.79 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो योजना के दिशा-निर्देशों के तहत स्वीकार्य नहीं था।
ऑडिट से पता चला कि गुजरात वाटर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (जीडब्ल्यूआईएल) और गुजरात जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (जीडब्ल्यूएसएसबी) द्वारा थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) गलत तरीके से लागू किए जाने के कारण ठेकेदारों को 54.32 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ।
रिपोर्ट में कहा गया कि जीएसटी की गलत दर लागू किए जाने से भी 18.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ।
कैग के अनुसार, जीडब्ल्यूआईएल द्वारा शुरू 11 बड़ी पाइपलाइन परियोजनाओं में से पांच को आठ से 25 महीने की देरी से पूरा किया गया। वहीं, दिसंबर 2024 तक शेष छह परियोजनाओं में से पांच तीन से 14 महीने पीछे चल रही थीं।
रिपोर्ट में कहा गया कि उमरेठ, भरूच और पाटन में पूरी हो चुकी कुछ योजनाएं अभी भी चालू नहीं हो पाई हैं, क्योंकि पानी की टंकी और ऊंचे सेवा जलाशयों के बीच कनेक्शन नहीं किए गए थे।
इसके अलावा, लेखापरीक्षा के लिए चुने गए जिलों में 248 गांवों के भीतर की जलापूर्ति योजनाएं ग्राम कार्य योजना या ग्राम सभा के प्रस्ताव के बिना ही क्रियान्वित की गईं।
चयनित छह जिलों में से चार में नवंबर 2024 तक 71,842 परिवार यानी 14.84 प्रतिशत परिवारों के घरों में नल के सक्रिय कनेक्शन नहीं थे।
कैग ने राज्य से जीडब्ल्यूआईएल और जीडब्ल्यूएसएसबी की परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने, डब्ल्यूपीआई और जीएसटी की दरों के इस्तेमाल को मानकीकृत करने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी परिवारों को नियमित रूप से प्रति व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 55 लीटर सुरक्षित पेयजल मिले।
भाषा निहारिका प्रेम
प्रेम

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