कैग ने जम्मू-कश्मीर में बजटीय उल्लंघनों को चिह्नित किया

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कैग ने जम्मू-कश्मीर में बजटीय उल्लंघनों को चिह्नित किया

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 05:01 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 05:01 PM IST

जम्मू, चार अप्रैल (भाषा) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने जम्मू और कश्मीर में वित्तीय प्रबंधन के उल्लंघनों को उजागर किया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा 34,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत राशि को निर्धारित बजटीय मानदंडों का उल्लंघन करते हुए वापस नहीं किया गया।

कैग ने जम्मू-कश्मीर में वित्तीय प्रबंधन सुधारने के लिए सुधारात्मक उपायों की सिफारिश की है और वास्तविकता पर आधारित बजट बनाने तथा खर्च पर कड़ा नियंत्रण रखने की जरूरत पर जोर दिया है। जम्मू और कश्मीर बजट निर्देशों के अनुसार विभागों को बची हुई राशि वित्त विभाग को वापस करनी होती है।

कैग ने 31 मार्च, 2024 को समाप्त वित्त वर्ष की रिपोर्ट में कहा, ”यह देखा गया कि 36 अनुदानों और दो विनियोगों के तहत प्रत्येक मामले में एक करोड़ रुपये से अधिक की बची राशि, जो कुल मिलाकर 34,917.96 करोड़ रुपये (32.99 प्रतिशत) थी, वापस नहीं की गई।”

लेखा परीक्षा में आगे कहा गया कि कुल 1,04,178.32 करोड़ रुपये के अनुदान विनियोग के मुकाबले, 36 अनुदानों में वास्तविक व्यय 69,260.36 करोड़ रुपये रहा। इसके चलते 34,917.96 करोड़ रुपये की राशि बच गई। कैग के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान व्यय के लिए कुल प्रावधान 1,57,212.90 करोड़ रुपये था। रिपोर्ट में कहा गया कि इस दौरान वास्तविक कुल व्यय 1,26,054.97 करोड़ रुपये (80.18 प्रतिशत) था। इसके चलते 31,157.93 करोड़ रुपये बच गए, जिसे जिसे वापस नहीं किया गया।

कैग ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कुल व्यय, कुल अनुदान और विनियोग से लगभग 20 प्रतिशत कम रहा।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय