CG DGP on Naxalism: हथियार छोड़कर यहां छिपे हुए हैं कुछ नक्सली! DGP अरुण देव गौतम का बड़ा बयान, कहा- कोई भी बड़ा समूह नहीं है सक्रिय

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हथियार छोड़कर यहां छिपे हुए हैं कुछ नक्सली! DGP अरुण देव गौतम का बड़ा बयान, Chhattisgarh DGP Arun Dev Gautam on Naxalism

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 05:38 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 05:38 PM IST

अंबिकापुर। CG DGP on Naxalism: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर राज्य के डीजीपी अरुण देव गौतम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है और प्रदेश में नक्सल गतिविधियां लगभग समाप्ति की ओर हैं। डीजीपी गौतम के अनुसार अब केवल इक्का-दुक्का नक्सली ही बचे हैं, जिन्होंने हथियार छोड़ दिए हैं और अपनी सुरक्षा के लिए गांवों में छिपे हुए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ की सीमा के भीतर अब नक्सलियों का कोई भी संगठित हथियारबंद समूह सक्रिय रूप से नहीं घूम रहा है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया अंबिकापुर में आज संभाग के पुलिस विभाग की एक महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक में संभाग की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। संभाग के सभी जिलों में अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का आकलन DGP ने किया। बैठक को लेकर DGP अरुण देव गौतम ने कहा कि बैठक में अपराध के पर्वेक्षण और थाना स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा हुई है। DGP ने कहा कि सरगुजा संभाग रुरल डिवीजन है, इसके चलते कई बार पुलिस दूर-दूर तक नहीं पहुंच पाती है। ऐसे पुरानी पुलिस की व्यवहारिक तरकीब को अपनाने के लिए चर्चा की गई है। DSP स्तर के अधिकारियों को थाना व अपने क्षेत्र की बारिक जानकारियों को सुधारने के लिए निर्देशित किया गया। वहीं पुलिस अधीक्षकों को कम्युनिटी पुलिसिंग पर ध्यान देने और आईजी को SDOP के कार्यों की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

अफीम मामले को लेकर बड़ा बयान

CG DGP on Naxalism: डीजीपी ने कहा कि अफीम के मामले में पुलिस को बारिकी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डीजीपी ने कहा कि छग में हथियारबंद नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। कुछ लोग अपने बचाव के लिए गांव में छिपे हुए है, मगर वे लोग हथियारबंद नहीं है। डीजीपी ने कहा कि पहले गांजा उत्पादन में नक्सलियों की संलिप्तता दिखती थी, मगर अब ऐसा नहीं है।

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