दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर व्यापारियों से लिये जाने वाले शुल्क की गणना
दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर व्यापारियों से लिये जाने वाले शुल्क की गणना
नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) यूपीआई के जरिये दुकानदारों को 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान के लिए उनसे लिये जाने वाले शुल्क (एमडीआर) की गणना लेन-देन की राशि की सीमा के आधार पर एक स्पष्ट और तय सूत्र से की जाएगी।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने इस बारे में बार-बार पूछे जाने वाले सवालों (एफएक्यू) के जरिये शुल्क निर्धारण को स्पष्ट किया है।
इसके तहत 3,000 रुपये की खरीदारी पर 0.4 प्रतिशत की दर लागू होने से व्यापारियों से लिये जाना वाला शुल्क (एमडीआर) 12 रुपये होगा। इसका भुगतान व्यापारी अपने भुगतान प्राप्त करने वाले बैंक को करेगा।
पचास हजार रुपये की खरीदारी पर 0.4 प्रतिशत की दर से शुल्क 200 रुपये होगा। हालांकि, 1,00,000 रुपये की बड़ी खरीदारी पर 0.4 प्रतिशत की गणना से 400 रुपये बनते हैं, लेकिन यह तय अधिकतम सीमा के अधीन होगी और व्यापारी से 300 रुपये ही लिए जाएंगे।
75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर प्रति लेन-देन अधिकतम शुल्क 300 रुपये तय है। 2,000 रुपये से कम के किसी भी लेन-देन पर कोई एमडीआर नहीं लगेगा।
भुगतान एमडीआर व्यापारी से लिया जाने वाला शुल्क
2,000 रुपये से कम शून्य शून्य
3,000 रुपये 0.40% 12 रुपये
50,000 रुपये 0.40% 200 रुपये
75,000 रुपये तय 300 रुपये 300 रुपये
और उससे अधिक भुगतान
भाषा
रमण अजय
अजय

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