ईडी प्रमुख ने आईबीसी धोखाधड़ी, प्रवर्तकों को भारी ‘हेयरकट’ के मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए
ईडी प्रमुख ने आईबीसी धोखाधड़ी, प्रवर्तकों को भारी ‘हेयरकट’ के मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए
नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक राहुल नवीन ने एजेंसी के जांच अधिकारियों को दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) से जुड़ी उन धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है, जिनमें भारी ”हेयरकट” (कर्ज में अत्यधिक छूट) के जरिये प्रवर्तक अपनी संपत्तियां दोबारा हासिल कर लेते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने उन मामलों में वैकल्पिक कदम उठाने को कहा है, जहां उनके अनुरोध पर पुलिस प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं करती है।
ये दोनों मुद्दे हाल ही में तब चर्चा में आए जब राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की एक विशेष पीठ ने एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा को अपनी संपत्तियों को स्थानांतरित (बेचने या किसी अन्य के नाम) करने से रोक दिया और एक प्रस्तावित समझौते के मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया।
इस समझौते के तहत कर्जदाताओं को 22,006 करोड़ रुपये के दावों के मुकाबले उनकी निजी संपत्ति से महज 6.5 करोड़ रुपये की वसूली की अनुमति मिल रही थी। बाद में सीबीआई ने इस मामले में चंद्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया।
विशेष रूप से विपक्ष शासित राज्यों में पुलिस एफआईआर में देरी को लेकर ईडी ने धनशोधन रोधक अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत कई पत्र भेजकर अपने निष्कर्षों के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज करने को कहा है।
एजेंसी ने हाल में केरल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध किया था, जिस पर कांग्रेस सरकार ने कहा कि वह ईडी द्वारा प्रस्तुत कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर रही है। इसी तरह के अनुरोध तमिलनाडु, कर्नाटक और कुछ अन्य राज्यों में भी किए गए थे।
प्रवर्तन निदेशालय प्रमुख ने जांच अधिकारियों से पीएमएलए के तहत तेजी से दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए ”बड़े लोगों के” मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाने को भी कहा।
नवीन ने आईआईएम-बेंगलुरु में मंगलवार को संपन्न हुए ईडी अधिकारियों के दो दिवसीय त्रैमासिक सम्मेलन के दौरान ये निर्देश जारी किए।
उन्होंने अधिकारियों को अदालतों के समक्ष मामला विशेष अदालत को सौंपने संबंधी याचिकाएं दाखिल करने का निर्देश दिया, ताकि सामान्य अदालत से मुकदमा विशेष पीएमएलए अदालत में स्थानांतरित किया जा सके।
भाषा अजय पाण्डेय
अजय

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