प्रतिस्पर्धा कानून उल्लंघन रोकने के लिए दंड दिशानिर्देश प्रभावी ढंग से लागू करे सीसीआई : समिति

प्रतिस्पर्धा कानून उल्लंघन रोकने के लिए दंड दिशानिर्देश प्रभावी ढंग से लागू करे सीसीआई : समिति

प्रतिस्पर्धा कानून उल्लंघन रोकने के लिए दंड दिशानिर्देश प्रभावी ढंग से लागू करे सीसीआई : समिति
Modified Date: July 26, 2026 / 02:59 pm IST
Published Date: July 26, 2026 2:59 pm IST

नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) संसद की एक समिति ने कहा है कि प्रतिस्पर्धा कानूनों के बार-बार उल्लंघन को कंपनियां महज ‘कारोबार करने की लागत’ के रूप में न लें। इसके लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को मौद्रिक दंड निर्धारण संबंधी दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करना चाहिए।

राज्यसभा की अधीनस्थ विधान संबंधी समिति ने कहा कि इन दिशानिर्देशों में प्रतिस्पर्धा कानूनों के बार-बार उल्लंघन को जुर्माना तय करते समय एक गंभीर कारक माना गया है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

यह सिफारिश सीसीआई से संबंधित उस रिपोर्ट का हिस्सा है, जिसे समिति के अध्यक्ष मिलिंद मुरली देवड़ा की अध्यक्षता वाली समिति ने इस सप्ताह संसद में पेश किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि समाज के कमजोर वर्गों को अनुचित या प्रतिस्पर्धा-रोधी गतिविधियों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्रतिस्पर्धा कानूनों का प्रभावी अनुपालन जरूरी है।

समिति ने कहा, ‘‘छोटे कारोबार, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) और स्टार्टअप आदि को अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धा कानूनों के स्थिर और प्रभावी अनुपालन पर भरोसा करने में सक्षम होना चाहिए।’’

समिति ने कॉरपोरेट इकाइयों की ओर से प्रतिस्पर्धा कानूनों और नियमों के बार-बार उल्लंघन पर भी चिंता जताई।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘इस तरह के बार-बार उल्लंघनों का जोखिम यह है कि उन्हें महज ‘कारोबार करने की लागत’ के रूप में स्वीकार कर लिया जाए, जिससे कानूनों और नियमों का निवारक प्रभाव काफी कमजोर हो सकता है।’’

समिति ने कहा कि सीसीआई को मौद्रिक दंड निर्धारण दिशानिर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए। इन दिशानिर्देशों में बार-बार उल्लंघन को जुर्माना तय करने में गंभीर कारक माना गया है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लगाई जा सके।

भाषा योगेश अजय

अजय


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