केंद्र सरकार ने निवेशकों से निधि कंपनियों में निवेश से पहले उसके आगे-पीछे का इतिहास जांचने को कहा

केंद्र सरकार ने निवेशकों से निधि कंपनियों में निवेश से पहले उसके आगे-पीछे का इतिहास जांचने को कहा

केंद्र सरकार ने निवेशकों से निधि कंपनियों में निवेश से पहले उसके आगे-पीछे का इतिहास जांचने को कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:19 pm IST
Published Date: February 25, 2021 12:53 pm IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को निवेशकों से निधि कंपनियों में निवेश करने से पहले उनके बारे में पूरी जानकारी लेने को कहा। इस प्रकार की इकाइयों द्वारा नियमों का अनुपालन नहीं किये जाने के कुछ मामलों को देखने के बाद मंत्रालय ने यह बयान जारी किया।

कंपनी कानून के तहत पंजीकृत निधि कंपनियां गैर-बैंकिंग वित्तीय इकाइयां है जो अपने सदस्यों के साथ कर्ज देने और लेने का काम करती हैं।

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘निवेशकों को निधि कंपनी में निवेश करने या उसका सदस्य बनने से पहले उसकी स्थिति/आगे-पीछे के इतिहास की जांच की सलाह दी जाती है।’’

संशोधित कंपनी कानून, 2013 और निधि नियम, 2014 के तहत कंपनियों को कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के पास एनडीएच-4 फॉर्म के जरिये आवेदन देकर स्वयं को निधि कंपनी घोषित करने की जरूरत होती है।

एमसीए ने कहा, ‘‘आवेदनों पर गौर करने के बाद यह पाया गया कि ये कंपनियां नियमों का पूरी तरह से पालन नहीं कर रही हैं।’’

मंत्रालय के अनुसार इसके परिणामस्वरूप कंपनियों के इस संदर्भ में दिये गये कई आवेदन खारिज हुए हैं।

भाषा रमण मनोहर

मनोहर


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