केंद्र ने राज्यों से छोटे कोयला खुदरा विक्रेताओं की मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाने को कहा

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केंद्र ने राज्यों से छोटे कोयला खुदरा विक्रेताओं की मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाने को कहा

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 08:17 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 08:17 PM IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे पश्चिम एशिया संकट के कारण छोटे कोयला खुदरा विक्रेताओं को मुनाफाखोरी करने से रोकें, क्योंकि वैश्विक ऊर्जा व्यवधानों से घरेलू ईंधन बाजार पर असर पड़ने का खतरा है।

यहां एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बात करते हुए कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, ‘‘हमारे सचिव (कोयला) ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से बात की है। मैंने कल मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। कोयले की कोई कमी नहीं है और घरेलू कोयले की कीमतों में वृद्धि की कोई गुंजाइश नहीं है।’’

मंत्री ने आगे कहा कि अगर कोयले की कीमतें बढ़ती हैं तो कार्रवाई करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने राज्यों से कोयले की कीमतों पर नजर रखने और खुदरा विक्रेताओं को मौजूदा संकट से लाभ नहीं उठाने देने को कहा है।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोयले की कीमतें नहीं बढ़नी चाहिए, और इसलिए सरकार ने सक्रिय कदम उठाए हैं।

मंत्री ने बताया, “कोयले की कीमतें बढ़ाने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कोयले की कीमतें नहीं बढ़नी चाहिए।’’

मंत्री ने यह भी कहा कि देश में कोयले की कोई कमी नहीं है और मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त शुष्क ईंधन उपलब्ध है।

रेड्डी ने कहा, ”हम मौजूदा मांग से अधिक कोयले का उत्पादन कर रहे हैं।”

मंत्री ने कहा कि लगातार दूसरे वर्ष, देश ने एक अरब टन कोयले का उत्पादन किया है, कुछ स्थानों पर कोयले का उत्पादन धीमा करना पड़ा क्योंकि भंडारण के लिए जगह नहीं है।

सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड ने पहले कहा था कि उसका लक्ष्य बढ़ते पश्चिम एशिया संकट के बीच देश को ‘उचित मूल्य’ पर बिजली सुनिश्चित करना है।

कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत का योगदान देती है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय