सीआईआई ने हरियाणा से निजी क्षेत्र की नौकरियों में आरक्षण पर पुनर्विचार को कहा

सीआईआई ने हरियाणा से निजी क्षेत्र की नौकरियों में आरक्षण पर पुनर्विचार को कहा

सीआईआई ने हरियाणा से निजी क्षेत्र की नौकरियों में आरक्षण पर पुनर्विचार को कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:46 pm IST
Published Date: March 3, 2021 4:32 pm IST

नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने हरियाणा सरकार से निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय लोगों को आरक्षण के कानून पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है। सीआईआई का कहना है कि आरक्षण से उत्पादकता और प्रतिस्पर्धी क्षमता प्रभावित होती है।

उद्योग संगठन ने कहा कि उसे उम्मीद है कि राज्य सरकार इसपर पुनर्विचार करेगी।

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, ‘‘ऐसे समय जबकि राज्यस्तर पर निवेश आकर्षित करना महत्वपूर्ण है, हरियाणा सरकार को उद्योग पर अंकुश लगाने से बचना चाहिए था। ’’

उन्होंने कहा कि आरक्षण से उत्पादकता और उद्योग की प्रतिस्पर्धी क्षमता प्रभावित होती है। बनर्जी ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हरियाणा सरकार इसपर पुनर्विचार करेगी। प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का है। ऐसे में देश के भीतर एक एकीकृत और सचल श्रम बाजार की उम्मीद करते हैं।’’

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को कहा था कि हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसमें निजी क्षेत्र की 75 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान है।

भाषा अजय अजय मनोहर

मनोहर


लेखक के बारे में