पटना, 25 मार्च (भाषा) बिहार में डिजिटल शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में ‘बिहारवन’ परियोजना के माध्यम से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिसके तहत कॉरपोरेट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड ( सीआईपीएल) को 87 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है। इस परियोजना के जुलाई तक शुरू होने की संभावना है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पटना स्थित बेल भवन में ‘बिहारवन’ परियोजना के लिए सीआईपीएल के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना राज्य में ई-गवर्नेंस (कामकाज के संचालन) और डिजिटल बदलाव को नई दिशा देने का लक्ष्य रखती है।
‘बिहारवन’ परियोजना का उद्देश्य सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं की डिलिवरी को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इसे एकीकृत डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां विभिन्न सरकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे नागरिकों को लंबी कतारों, जटिल प्रक्रियाओं और विभिन्न कार्यालयों के चक्कर से राहत मिलेगी।
परियोजना के तहत ‘बिहार कॉमन सोशल रजिस्ट्री’ को विभिन्न विभागीय सेवाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे नागरिकों को बार-बार एक ही जानकारी देने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे सेवा वितरण अधिक तेज, सहज और नागरिक-केंद्रित बनेगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी आसानी से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। किसान अपने खेतों से ही योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, छात्र बिना देरी के प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे और जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
इस परियोजना के माध्यम से न केवल प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा, बल्कि यह आर्थिक वृद्धि को भी बढ़ावा देगी। सॉफ्टवेयर विकास, डेटा विश्लेषण और कृत्रिम मेधा जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। पटना को पूर्वी भारत के उभरते सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
परियोजना में डेटा आधारित शासन व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सरकार को नीतियों के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय भाषाओं के साथ हिंदी और अंग्रेजी में एआई चैटबॉट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि नागरिकों को सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सके।
बेलट्रान के मार्गदर्शन में यह परियोजना आरटीपीएस और गैर-आरटीपीएस सेवाओं को एकीकृत कर एक समग्र डिजिटल प्रणाली तैयार करेगी, जिससे शासन व्यवस्था अधिक समावेशी और प्रभावी बनेगी।
सरकार के अनुसार, ‘बिहारवन’ परियोजना राज्य में डिजिटल परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभरेगी और प्रौद्योगिकी के माध्यम से नागरिकों के जीवन को सरल एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भाषा कैलाश
राजकुमार अजय
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