मुख्यमंत्री नायडू ने कृषि योजना के लिए केंद्र से 1,211 करोड़ रुपये मांगे, मखाना बोर्ड पर ज़ोर दिया

मुख्यमंत्री नायडू ने कृषि योजना के लिए केंद्र से 1,211 करोड़ रुपये मांगे, मखाना बोर्ड पर ज़ोर दिया

मुख्यमंत्री नायडू ने कृषि योजना के लिए केंद्र से 1,211 करोड़ रुपये मांगे, मखाना बोर्ड पर ज़ोर दिया
Modified Date: February 10, 2026 / 06:52 pm IST
Published Date: February 10, 2026 6:52 pm IST

नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और अलग-अलग केंद्रीय कृषि योजना के तहत लंबित 1,211 करोड़ रुपये के कोष को जारी करने और राज्य में मखाना विकास बोर्ड बनाने की भी मांग की।

एक सरकारी बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान, नायडू ने पीएम प्रणाम योजना के तहत 216 करोड़ रुपये के कोष, नारियल की खेती के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये की केंद्रीय मदद, ‘प्रति बूंद अधिक फसल योजना’ के तहत बकाया 695 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 सत्र के लिए आम किसानों के लिए कीमत अंतर भुगतान प्रणाली के तहत केंद्र के हिस्से के तौर पर 100 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने पर ज़ोर दिया।

मुख्यमंत्री ने चौहान के साथ राज्य में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र को मजबूत करने पर विस्तार में बातचीत की।

केंद्रीय मंत्री को रासायनिक उवर्रकों का इस्तेमाल कम करने में राज्य की प्रगति के बारे में बताते हुए नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश ने फसल वर्ष 2024-25 (जुलाई-जून) के दौरान 2.28 प्रतिशत की कमी हासिल की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जैविक और प्राकृतिक खेती को तेज़ी से बढ़ावा दे रही है, जिसमें 18 लाख किसान पहले ही लगभग आठ लाख हेक्टेयर में जैविक खेती के तरीकों को अपनाने के लिए मंजूरी दे चुके हैं।

नारियल क्षेत्र के लिए खास समर्थन की मांग करते हुए नायडू ने नारियल की खेती के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये की केंद्रीय मदद का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने चौहान से ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ योजना के तहत बकाया 695 करोड़ रुपये जारी करने की भी अपील की।

तोतापुरी आम किसानों के मुद्दे पर, नायडू ने 2025-26 सत्र के लिए मूल्य अंतर भुगतान प्रणाली के तहत केंद्र के हिस्से के तौर पर 100 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध की।

मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश में मखाना विकास बोर्ड बनाने की भी मांग की। उन्होंने चौहान को बताया कि कोलेरू झील इलाके में करीब 50,000 एकड़ ज़मीन मखाना की खेती के लिए सही है और राज्य में मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए ज़रूरी सहायता और मदद देने का अनुरोध किया।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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