पंजाब के बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति पर्याप्त: कोयला मंत्रालय

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पंजाब के बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति पर्याप्त: कोयला मंत्रालय

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  • Publish Date - September 13, 2026 / 08:58 PM IST,
    Updated On - September 13, 2026 / 08:58 PM IST

नयी दिल्ली, 13 सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार ने पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की कैप्टिव खदानों से पंजाब के निजी बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। कोयला मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने कहा कि पंजाब के बिजली संयंत्रों के लिए पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध कराया गया है और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) पंजाब सहित देशभर में बिजली उत्पादन के लिए निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने को पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मंत्रालय ने कहा, “पीएसपीसीएल के अपने बिजली संयंत्रों का अधिक उपयोग, निजी बिजली संयंत्रों में खराबियों की निगरानी और सीआईएल की सहायक कंपनियों द्वारा पहले ही उपलब्ध कराए गए कोयले को समय पर उठाने से बिजली उत्पादन को बेहतर तरीके से संचालित करने और राज्य की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी।”

यह बयान उन खबरों की पृष्ठभूमि में आया है, जिनमें कहा गया था कि पंजाब में बिजली संकट गहरा गया है और कारखानों तथा कृषि क्षेत्र को 14 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

खबरों में पंजाब के ताप बिजली संयंत्रों में कम बिजली उत्पादन के लिए संयंत्रों में खराबी और कोयले की अपर्याप्त आपूर्ति को जिम्मेदार बताया गया था।

कोयला मंत्रालय ने कहा कि यह स्थिति की पूरी तस्वीर नहीं है।

मंत्रालय ने कहा, “केंद्र सरकार ने कैप्टिव खदानों से उत्पादन शुरू होने के बाद से पंजाब के निजी बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचाने की प्रक्रिया को सक्रिय रूप से सुगम बनाया है।”

मंत्रालय ने कहा कि पंजाब को पीएसपीसीएल की कैप्टिव खदानों से कोयला उठाने की गति बढ़ाने की जरूरत है।

उसने बताया कि पीएसपीसीएल की पचवाड़ा सेंट्रल खदान में अप्रैल 2026 से 11 सितंबर 2026 तक का उत्पादन वार्षिक लक्ष्य का 83.67 प्रतिशत रहा, जबकि वहां से कोयले की आपूर्ति लक्ष्य की केवल 68.44 प्रतिशत रही।

मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन और आपूर्ति के बीच यह अंतर खदान में करीब 3.21 लाख टन कोयले के ऐसे भंडार का संकेत देता है, जिसे अभी बाहर नहीं भेजा गया है।

मंत्रालय ने कहा कि राज्य को इस कोयले को खदान से निकालकर अपने बिजली संयंत्रों तक पहुंचाना चाहिए, जिससे पीएसपीसीएल के अपने संयंत्रों में बिजली उत्पादन बढ़ाया जा सके।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय