नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने डेस्कटॉप कंप्यूटर के लिए ‘बॉक्स्ड माइक्रो प्रोसेसर’ (बीएमपी) के संबंध में भारत के लिए एक अलग वारंटी नीति अपनाने को लेकर अमेरिकी कंपनी इंटेल कॉर्प पर 27.38 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
इंटेल अमेरिका की एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय सेमीकंडक्टर कंपनी है, जो कंप्यूटर प्रोसेसर और चिप विनिर्माण के लिए जानी जाती है।
आयोग ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि इंटेल ने भारत में बॉक्स्ड माइक्रो प्रोसेसर के बाजार में अपनी दबदबे की स्थिति का दुरुपयोग किया है।
प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच में पाया गया कि भारत के लिए इंटेल की अलग वारंटी नीति चीन, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में लागू उसकी वारंटी नीतियों की तुलना में भेदभावपूर्ण थी।
सीसीआई के अनुसार, अमेरिकी कंपनी की इस नीति ने उपभोक्ताओं और समानांतर आयातकों के विकल्प सीमित करने का काम किया, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
समानांतर आयात का मतलब ऐसे वैध उत्पादों के आयात से है, जो किसी कंपनी के आधिकारिक वितरण चैनल के बाहर से खरीदे जाते हैं।
आयोग ने कहा कि डेस्कटॉप कंप्यूटर के बीएमपी पर वारंटी संबंधी इंटेल की यह नीति आठ वर्षों तक लागू रही। इस अवधि को ध्यान में रखते हुए नियामक ने इंटेल के औसत प्रासंगिक कारोबार के आठ प्रतिशत के बराबर जुर्माना निर्धारित किया।
हालांकि, एक अप्रैल, 2024 से इस नीति को वापस ले लिए जाने को ध्यान में रखते हुए आयोग ने जुर्माने की राशि को घटाकर 27.38 करोड़ रुपये कर दिया।
आयोग ने इंटेल को निर्देश दिया है कि वह भारत-केंद्रित इस विवादित वारंटी नीति को वापस लिए जाने का व्यापक प्रचार-प्रसार करे और इस पर अनुपालन रिपोर्ट भी पेश करे।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय