नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) चालू 2026-27 के रबी विपणन सत्र में सरकार की गेहूं की खरीद अब तक 15.30 लाख टन रही है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 69 प्रतिशत कम है।
गेहूं मुख्य रबी (सर्दियों) की फसल है, जिसे अप्रैल-मार्च के दौरान खरीदा जाता है। हालांकि, ज़्यादातर अनाज पहले कुछ महीनों में ही मुख्य रूप से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य एजेंसियों के द्वारा खरीदा जाता है।
एफसीआई के आंकड़ों के अनुसार, एक अप्रैल से खरीद शुरू होने के बाद से एजेंसियों ने अब तक 15.30 लाख टन गेहूं खरीदा है, जबकि आवक 34.74 लाख टन रही है। पिछले 2025-26 रबी विपणन सत्र के इसी समय में, एजेंसियों ने 50.08 लाख टन गेहूं खरीदा था, और आवक 92.72 लाख टन थी।
हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण मंडियों में गेहूं की फसल की आवक और खरीद पर असर पड़ा है। 13 अप्रैल तक, पंजाब में गेहूं की खरीद 29,925 टन, हरियाणा में 11.23 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 96,670 टन, मध्य प्रदेश में 1.02 लाख टन, राजस्थान में 8,957 टन, उत्तराखंड में 1.66 लाख टन थी।
सरकार ने चालू 2026-27 सत्र के लिए 30.3 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। पंजाब और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में खरीद एक अप्रैल, 2026 को शुरू हुई, जबकि राजस्थान जैसे कुछ खास इलाकों में खरीद 10 मार्च, 2026 से ही शुरू हो गई। गेहूं की खरीद 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है।’’
भाषा राजेश राजेश अजय
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