नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के चलते ईरान को निर्यात किया जाने वाला करीब 345 करोड़ रुपये का माल कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों पर पड़ा हुआ है। मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी गई।
लोकसभा में एक लिखित उत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के संकट के कारण पोत परिवहन और बंदरगाह परिचालन बाधित हुआ है, जिससे माल की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
ईरान को एक मार्च तक निर्यात किया जाने वाला 35,962 टन चावल, चाय और दवाओं की खेप कांडला बंदरगाह पर अटकी रही, जिसका ‘फ्री ऑन बोर्ड’ (एफओबी) मूल्य 305.67 करोड़ रुपये है। एफओबी में माल और बंदरगाह से जहाज पर लादने तक का खर्च शामिल होता है।
इसी तरह, मुंद्रा बंदरगाह पर ईरान को निर्यात के लिए 5,676 टन माल अटका हुआ था, जिसका मूल्य 40.72 करोड़ रुपये है।
प्रसाद ने कहा, ‘‘ईरान के साथ भारत का व्यापार मुख्य रूप से अनाज और दवाओं का है। पश्चिम एशिया के मौजूदा घटनाक्रमों के कारण माल की आवाजाही पर असर पड़ा है।’’
ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के कारण जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है।
ईरान भारतीय बासमती चावल के प्रमुख खरीदारों में से है।
भाषा सुमित अजय
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