1,948 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में 5.66 लाख करोड़ रुपये का इजाफा

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1,948 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में 5.66 लाख करोड़ रुपये का इजाफा

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 10:27 PM IST,
    Updated On - March 25, 2026 / 10:27 PM IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) देश की 150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की कुल लागत में 5.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है।

एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 तक सांख्यिकी मंत्रालय की निगरानी वाली 1,948 परियोजनाओं की संशोधित लागत 41,98,684 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि इनकी मूल लागत 36,32,088 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ऐसी कितनी परियोजनाएं हैं जिनकी लागत में इजाफा हुआ है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इन परियोजनाओं पर अब तक कुल 19.71 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह खर्च परियोजनाओं की बढ़ी हुई अनुमानित लागत का लगभग 46.95 प्रतिशत है, जो इनके क्रियान्वयन में हो रही ठोस और निरंतर प्रगति का संकेत देता है।

रिपोर्ट के अनुसार, 740 परियोजनाओं (38 प्रतिशत) ने 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हासिल कर ली है, जबकि 250 परियोजनाएं वित्तीय रूप से 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं।

परिवहन और लॉजिस्टिक क्षेत्र में सबसे अधिक 1,421 चालू परियोजनाएं हैं, जिनकी संशोधित लागत 22.96 लाख करोड़ रुपये है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 1,108 परियोजनाओं के साथ शीर्ष पर है, जिनकी कुल लागत 10.51 लाख करोड़ रुपये है।

इसके बाद रेलवे 245 परियोजनाओं का कार्यान्वयन कर रहा है, जिसकी लागत 8.39 लाख करोड़ रुपये है।

क्षेत्रवार विवरण के अनुसार, कोयला मंत्रालय के पास 128, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पास 113 और बिजली मंत्रालय के पास 101 बुनियादी ढांचा परियोजनाएं हैं। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत क्रमशः 2.4 लाख करोड़ रुपये, 5.15 लाख करोड़ रुपये और 5.25 लाख करोड़ रुपये है।’

फरवरी के दौरान नौ प्रमुख परियोजनाएं पूरी की गईं, जिनमें ‘त्रिवेंद्रम-कन्याकुमारी’ रेलवे लाइन और पाटा की ‘पीपी परियोजना’ शामिल हैं।

इसी महीने 268 नई परियोजनाओं को निगरानी तंत्र (पैमाना) के दायरे में लाया गया है। इनमें मुंबई रिफाइनरी की नई इकाई और ‘केन-बेतवा लिंक’ जैसी बड़ी योजनाएं शामिल हैं।

भाषा सुमित अजय

अजय