Sahara Refund: जिस सहारा में फंसा है लाखों निवेशकों का पैसा, अब उसकी कमान किसके पास? जानिए आखिर कौन लौटा रहा रकम

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Sahara Refund: सुब्रत रॉय के निधन के बाद सहारा ग्रुप की स्थिति में कई बदलाव हुए। अब उनकी संपत्तियों पर किसका अधिकार है। वहीं निवेशकों के फंसे पैसे लौटाने की प्रक्रिया भी जारी है। जानिए सहारा की संपत्ति और रिफंड से जुड़ी पूरी जानकारी।

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  • Publish Date - September 13, 2026 / 11:09 AM IST,
    Updated On - September 13, 2026 / 11:12 AM IST

(Sahara Refund/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • सुब्रत रॉय का नवंबर 2023 में निधन हुआ था। पू
  • रा सहारा किसी एक व्यक्ति के कब्जे में नहीं है।
  • चार सहकारी समितियों के निवेशकों के लिए रिफंड पोर्टल है।

बिजनेस: Sahara Refund: एक समय सहारा इंडिया देश के छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचा हुआ बड़ा नाम था। लाखों लोगों ने कंपनी की अलग-अलग योजनाओं में अपनी कमाई की पूंजी लगाई थी। लोगों को भरोसा था कि जरूरत पड़ने पर उन्हें उनका पैसा वापस मिल जाएगा। लेकिन बाद में कंपनी की मुश्किलें बढ़ती गई और निवेशकों के पैसे का मामला अदालत तक पहुंच गया। कारोबार कमजोर होने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग आज तक अपने फंसे पैसे का वापसी (Sahara Refund) का इंतजार कर रहे हैं।

सुब्रत रॉय के निधन के बाद क्या बदला?

सहारा इंडिया के संस्थापक सुब्रत रॉय का नवंबर 2023 में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठा कि अब सहारा समूह की जिम्मेदारी किसके पास है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि पूरा सहारा किसी एक व्यक्ति या कंपनी के नियंत्रण में चला गया है। समूह की अलग-अलग कंपनियां और संपत्तियां अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं और मामलों से जुड़ी हुई हैं।

क्या अडाणी ने खरीद लिया सहारा?

साल 2025 में सहारा की कुछ बड़ी संपत्तियों को अडाणी प्रॉपर्टीज को बेचने का प्रस्ताव सामने आया था। इसमें करीब 88 संपत्तियों का जिक्र था, जिनमें महाराष्ट्र की एंबी वैली और लखनऊ की सहारा सिटी जैसी संपत्तियां भी शामिल बताई गई थीं। लेकिन किसी संपत्ति को खरीदने का प्रस्ताव और पूरे सहारा समूह का अधिग्रहण अलग-अलग बातें हैं। इसलिए यह कहना गलत है कि अडाणी ने पूरा सहारा ग्रुप खरीद लिया है।

निवेशकों का पैसा कौन लौटा रहा है?

सहारा से जुड़े निवेशकों के पैसे की वापसी की प्रक्रिया सरकारी और न्यायिक निर्देशों के तहत चल रही है। खास तौर पर चार सहकारी समितियों में पैसा जमा करने वाले लोगों के लिए CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल (CRCS Sahara Refund Portal) बनाया गया है। पात्र जमाकर्ता इस पोर्टल के जरिए अपना दावा दाखिल कर सकते हैं। दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के बाद नियमों के अनुसार रिफंड की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

CRCS-सहारा पोर्टल किन लोगों के लिए है?

सरकार ने जुलाई 2023 में CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल (Sahara Refund Portal) शुरू किया था। इसका मकसद चार सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं को पैसा वापस दिलाना है। इनमें सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड शामिल हैं।

रिफंड कब और कैसे मिलेगा?

रिफंड सीधे सहारा कंपनी की ओर से सामान्य तरीके से नहीं किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया में सरकारी व्यवस्था, संबंधित संस्थाओं और अदालत के निर्देशों की भूमिका है। हर निवेशक को एक साथ या एक ही तारीख पर पूरा पैसा मिलना (Sahara Refund) जरूरी नहीं है। दावे, दस्तावेज और पात्रता की जांच के बाद भुगतान किया जाता है। इसलिए निवेशकों को सोशल मीडिया की अपुष्ट खबरों के बजाय आधिकारिक पोर्टल पर ही ताजा जानकारी हासिल करना चाहिए।

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सुब्रत रॉय के बाद सहारा का क्या हुआ?

सुब्रत रॉय के निधन के बाद सहारा की अलग-अलग कंपनियां और संपत्तियां अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ी हुई हैं।

क्या अडाणी ने पूरा सहारा ग्रुप खरीद लिया है?

नहीं, कुछ सहारा संपत्तियों को अडाणी प्रॉपर्टीज को बेचने का प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन पूरा सहारा ग्रुप नहीं खरीदा गया है।

सहारा निवेशकों का पैसा कौन लौटा रहा है?

चार सहकारी समितियों के पात्र जमाकर्ताओं को CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए रिफंड दिया जा रहा है।

CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल किन लोगों के लिए है?

यह पोर्टल सहारा की चार कोऑपरेटिव सोसायटियों में पैसा जमा करने वाले पात्र जमाकर्ताओं के लिए बनाया गया है।