क्रेडाई ने परियोजनाओं को पूरा करने, नौकरियां बचाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज मांगा
क्रेडाई ने परियोजनाओं को पूरा करने, नौकरियां बचाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज मांगा
नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) रीयल एस्टेट कंपनियों के शीर्ष निकाय कनफेडेरशन ऑफ रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (क्रेडाई) ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से उद्योग को काफी ‘दर्द’ झेलना पड़ रहा है। क्रेडाई ने सरकार से नकदी संकट से जूझ रहे डेवलपर्स के लिए वित्तीय उपायों की मांग की है।
क्रेडाई देशभर के 20,000 से अधिक बिल्डरों का प्रतिनिधित्व करती है। क्रेडाई ने सरकार से कहा है कि डेवलपर्स के लिए ब्याज माफी और ऋण की किस्त के भुगतान पर मार्च, 2021 तक रोक जैसे उपायों की घोषणा की जाए।
क्रेडाई के पास्ट चेयरमैन इरफान रजाक ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा कि यदि सरकार की ओर से रीयल एस्टेट क्षेत्र को समर्थन नहीं मिला, तो बड़े पैमाने पर नौकरियां जा सकती हैं। इसके अलावा घर खरीदारों को परियोजनाओं की आपूर्ति में भी देरी हो सकती है।
देश की प्रमुख रीयल एस्टेट कंपनी प्रेस्टीज ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रजाक ने कहा, ‘‘नकदी प्रवाह के मुद्दों की वजह से उद्योग संकट में है। इस क्षेत्र को कुछ सहानुभूति और समर्थन की जरूरत है।’’
उन्होंने कहा कि उद्योग कर्ज माफी नहीं चाहता है, सिर्फ ब्याज और ब्याज पर ब्याज में कुछ छूट चाहता है। इससे डेवलपर्स को लॉकडाउन की अवधि के दौरान हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो पाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘घरों की आपूर्ति होनी चाहिए। लोगों ने जीवन भर की कमाई अपना सपनों का घर खरीदने में लगाई है।’’
क्रेडाई के महाराष्ट्र चैप्टर क्रेडाई-एमसीएचआई ने उच्चतम न्यायालय में ब्याज और मियादी ऋण की किस्त के भुगतान पर रोक की अवधि के दौरान ब्याज पर ब्याज की माफी के लिए याचिका दायर की है।
क्रेडाई के पास्ट चेयरमैन और एटीएस ग्रुप के चेयरमैन गेतांबर आनंद ने कहा कि रिजर्व बैंक ने ऋण पुनर्गठन की जिस व्यवस्था की घोषणा की है उससे ज्यादातर कंपनियों को फायदा नहीं होने वाला। उन्होंने मांग की कि इस साल एक मार्च तक जो भी ऋण खाते गैर-निष्पादित आस्ति (एनपीए) नहीं थे, उनका पुनर्गठन किया जाना चाहिए।
भाषा अजय अजय मनोहर
मनोहर

Facebook


