नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) वायदा कारोबार में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतें आठ प्रतिशत से ज़्यादा घटकर 8,069 रुपये प्रति बैरल रह गईं। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष शायद खत्म होने वाला है, जिससे आपूर्ति में लंबे समय तक रुकावट आने का डर कम हो गया है।
अपनी तीन दिन की बढ़त के बाद, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में मार्च डिलिवरी वाले कच्चे तेल की कीमत 719 रुपये, या 8.18 प्रतिशत टूटकर 8,069 रुपये प्रति बैरल रह गई।
इसी तरह, एमसीएक्स में अप्रैल माह में डिलिवरी वाले अनुबंध की कीमत 531 रुपये या 6.21 प्रतिशत टूटकर 8,017 रुपये प्रति बैरल रह गई। इसमें 6,359 लॉट का कारोबार हुआ।
यह गिरावट तब आई जब कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार को, मार्च अनुबंध की कीमत 26 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर 10,549 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गई थी।
हालांकि, बाद में कीमतें तेज़ी से गिरीं और लगभग 17 प्रतिशत नीचे 8,788 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुईं, जो अपने उच्चतम स्तर से 1,761 रुपये कम था।
विश्लेषकों ने कहा कि तेल की कीमतें इसलिए गिरीं क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव कम होने से जोखिम प्रीमियम कम हो गया।
वैश्विक स्तर पर, अप्रैल डिलिवरी वाले वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चे तेल की कीमत 6.65 डॉलर, या 7.02 प्रतिशत टूटकर 88.12 डॉलर प्रति बैरल रह गई, जबकि न्यूयॉर्क में मई अनुबंध वाला ब्रेंट क्रूड 6.1 प्रतिशत नीचे 92.92 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
इंडसइंड सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा कि डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल के वायदा भाव पिछले सत्र में लगभग 120 डॉलर तक पहुंचने के बाद 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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