नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) वायदा कारोबार में सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें 91 रुपये बढ़कर 9,284 रुपये प्रति बैरल हो गईं, जो अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचे पर सैन्य हमले किए जाएंगे। ट्रंप की इस धमकी के बाद कच्चे तेल की वायदा कीमतों में यह बढ़ोतरी देखी गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल का मई माह में डिलिवरी वाला अनुबंध 91 रुपये या एक प्रतिशत की तेजी के साथ 9,284 रुपये प्रति बैरल हो गया। इससे पहले 23 मार्च, 2026 को कच्चे तेल की वायदा कीमत 9,407 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी।
चॉइस ब्रोकिंग की जिंस विश्लेषक, कावेरी मोरे ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी तब हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाया, जिससे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया, वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य लगातार छठे सप्ताह भी बंद रहा, जिससे वैश्विक ऊर्जा प्रवाह बाधित हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि इसका असर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइंड उत्पादों की खेप पर पड़ा है, जिससे आपूर्ति की स्थिति प्रभावित हुई है और कीमतों में तेजी आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रुझान मिले-जुले रहे। मई माह में डिलिवरी वाले वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चे तेल का वायदा अनुबंध 0.48 प्रतिशत घटकर 111 डॉलर प्रति बैरल रह गया, जबकि जून डिलिवरी वाला ब्रेंट तेल 1.3 प्रतिशत बढ़कर 110.43 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय