नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) कच्चे तेल की वायदा कीमतों में लगातार चौथे सत्र में तेजी रही और सोमवार को इसकी कीमत 232 रुपये की बढ़त के साथ 8,216 रुपये प्रति बैरल पर पहुँच गए। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच नए सैन्य हमलों से होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा की आपूर्ति में रुकावट की आशंका थी।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल का सितंबर माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 232 रुपये या 2.91 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,216 रुपये प्रति बैरल हो गया। इसमें 6,578 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
कच्चातेल के अक्टूबर माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 100 रुपये या 1.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 7,947 रुपये प्रति बैरल हो गया। इसमें 1,749 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
निवेश प्लेटफॉर्म मुडरेक्स के लीड क्वांट विश्लेषक, अक्षत सिद्धांत ने कहा कि एमसीएक्स कच्चा तेल वायदा में तेजी आई है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वॉशिंगटन द्वारा तेहरान के रॉकेट-लॉन्चर ठिकानों पर हमले के बाद, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के जवाबी हमलों से बड़े टकराव का डर फिर से पैदा हो गया है।
वैश्विक स्तर पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल करीब 3 प्रतिशत की तेजी के साथ 85.77 डॉलर प्रति बैरल हो गया जबकि ब्रेंट क्रूड का दाम 3.3 प्रतिशत बढ़कर 90.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
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