चालू खाते का घाटा पहली तिमाही बढ़कर 4.2 अरब डॉलर पर

चालू खाते का घाटा पहली तिमाही बढ़कर 4.2 अरब डॉलर पर

चालू खाते का घाटा पहली तिमाही बढ़कर 4.2 अरब डॉलर पर
Modified Date: September 1, 2026 / 06:33 pm IST
Published Date: September 1, 2026 6:33 pm IST

मुंबई, एक सितंबर (भाषा) देश का चालू खाते का घाटा (कैड) वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बढ़कर 4.2 अरब डॉलर यानी सकल घरेलू उत्पाद का 0.5 प्रतिशत रहा।

भारतीय रिजर्व बैंक के मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, एक साल पहले इसी तिमाही में चालू खाते का घाटा 3.4 अरब डॉलर यानी जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 0.4 प्रतिशत था।

चालू खाते का घाटा तब होता है जब कोई देश विदेशी वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और हस्तांतरण के लिए विदेशों में बाकी दुनिया से प्राप्त होने वाली राशि से अधिक पैसा भेजता है।

देश का वस्तु व्यापार घाटा अप्रैल-जून तिमाही में 86.1 अरब डॉलर रहा, जो बीते वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 68.9 अरब डॉलर था।

हालांकि, इस दौरान शुद्ध सेवा प्राप्तियां बढ़कर 51.6 अरब डॉलर हो गई, जो एक साल पहले 47.9 अरब डॉलर थीं।

आरबीआई ने कहा, ‘‘कंप्यूटर सेवाओं, अन्य कारोबारी सेवाओं और परिवहन सेवाओं सहित प्रमुख श्रेणियों में सेवा निर्यात में सालाना आधार पर वृद्धि हुई।’’

आंकड़ों के अनुसार, विदेशों में काम कर रहे भारतीयों की ओर से भेजी गई राशि समेत व्यक्तिगत अंतरण प्राप्तियां भी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बढ़कर 42.9 अरब डॉलर हो गईं। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 33.2 अरब डॉलर थीं।

इस बीच, अप्रैल-जून तिमाही में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का शुद्ध प्रवाह 6.1 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 5.2 अरब डॉलर था।

भाषा रमण अजय

अजय


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