साइबर सुरक्षा अब बोर्ड रूम का मुद्दा, एआई के उपयोग में सावधानी बरतने की जरूरत: सेबी प्रमुख

साइबर सुरक्षा अब बोर्ड रूम का मुद्दा, एआई के उपयोग में सावधानी बरतने की जरूरत: सेबी प्रमुख

साइबर सुरक्षा अब बोर्ड रूम का मुद्दा, एआई के उपयोग में सावधानी बरतने की जरूरत: सेबी प्रमुख
Modified Date: August 17, 2026 / 06:56 pm IST
Published Date: August 17, 2026 6:56 pm IST

मुंबई, 17 अगस्त (भाषा) सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से जुड़ी चुनौती नहीं रह गई है, बल्कि यह बोर्ड स्तर का भी मुद्दा बन चुकी है। इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में कृत्रिम मेधा (एआई) का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए।

पांडेय ने इस बात पर जोर दिया कि साइबर सुरक्षा में स्वचालन नए जोखिमों को जन्म देता है, और साइबर सुरक्षा के लिए एआई को ‘खुद सुरक्षित, नियंत्रित और जवाबदेह होना चाहिए।’

सेबी की क्षमता निर्माण संस्था नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) द्वारा यहां आयोजित साइबर सुरक्षा संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पांडेय ने कहा, ‘‘हमें साइबर सुरक्षा को केवल व्यक्तिगत नजरिये के बजाय सामूहिक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है।’’

पांडेय ने कहा, ‘‘साइबर सुरक्षा अब केवल आईटी का मुद्दा नहीं है। यह बोर्ड स्तर का मुद्दा है। यह व्यापार की निरंतरता का मुद्दा है। यह बाजार की अखंडता का मुद्दा है। यह निवेशकों के विश्वास का मुद्दा है।’’

उन्होंने साथी नियामकों से सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने का आग्रह करते हुए कहा कि जब कोई अच्छी प्रथा विकसित होती है, तो उसे दूसरों के लिए एक संदर्भ बिंदु बनना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘साइबर क्षेत्र में हमारी सामूहिक मजबूती हमारे बीच के संबंधों की ताकत पर निर्भर करती है।’’

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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